Friday, July 10, 2026 07:16:45 PM

डेढ़ वर्षीय मासूम हत्याकांड में फांसी
डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या मामले में दोषी विराज को फांसी की सजा, फिरोजाबाद कोर्ट का बड़ा फैसला

फिरोजाबाद की जिला अदालत ने डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की हत्या के चर्चित मामले में आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।

डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या मामले में दोषी विराज को फांसी की सजा फिरोजाबाद कोर्ट का बड़ा फैसला
डेढ़ वर्षीय मासूम हत्याकांड में फांसी |

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की जिला एवं सत्र न्यायालय ने डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की हत्या के चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने इस मामले को "रेयरेस्ट ऑफ द रेयर" श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड का आदेश दिया।

यह मामला 30 मई 2026 का है। थाना शिकोहाबाद क्षेत्र की यादव कॉलोनी में आरोपी विराज ने अपनी प्रेमिका के डेढ़ वर्षीय बेटे आरव की बेरहमी से जमीन पर पटक-पटक कर हत्या कर दी थी। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।

मामले में शुक्रवार को आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से अदालत लाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोपहर करीब तीन बजे फैसला सुनाते हुए आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई। फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पीड़ित परिवार ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया।

जांच के अनुसार, मूल रूप से बामई गांव निवासी रती की शादी 18 फरवरी 2024 को बदायूं निवासी सुमित उर्फ प्रियंक से हुई थी। दहेज प्रताड़ना के कारण वह मायके में रहने लगी, जहां उसने बेटे आरव को जन्म दिया। इसी दौरान रिश्ते में देवर लगने वाला विराज उस पर शादी का दबाव बनाने लगा, लेकिन रती ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया।

30 मई को रती अपने रिश्तेदार के घर यादव कॉलोनी आई हुई थी। आरोपी विराज मासूम आरव को टॉफी और चॉकलेट दिलाने के बहाने बाहर ले गया और गली में उसे कई बार सिर के बल सड़क पर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शुरुआत में आरोपी ने घटना को हादसा बताने की कोशिश की, लेकिन गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने आने के बाद पूरी वारदात का खुलासा हो गया।

पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश के दौरान मैनपुरी रोड पर घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए।

पुलिस ने छह दिन के भीतर 75 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। अदालत में सीसीटीवी फुटेज भी प्रदर्शित की गई, जिसके आधार पर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धारा के तहत दोषी ठहराया गया।

करीब एक माह की प्रभावी सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को दुर्लभतम श्रेणी का मानते हुए आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई।


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