अवैध निर्माण पर कार्रवाई |
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे चरण में अधिग्रहित और विस्थापित होने वाले गांवों में दो गुना मुआवजा और पुनर्वास स्थल पर प्लॉट पाने के लालच में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए गए हैं। अब तहसील प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
प्रशासन ने जनवरी से मई के बीच अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश लोगों ने अवैध निर्माण नहीं हटाया।
प्रशासन को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने अधिग्रहित जमीन का मुआवजा लेने के बाद उसी जमीन पर दोबारा अवैध निर्माण शुरू कर दिया। इसे गंभीर मामला मानते हुए प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ भूमाफिया के तहत कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
क्षेत्रीय लेखपालों की रिपोर्ट के आधार पर नीमका, ख्वाजपुर, रामनेर, जेवर बांगर, थोरा, पारोही और करौली बांगर गांवों के करीब 200 लोगों के खिलाफ जेवर थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार के तीसरे चरण में थोरा, नीमका, ख्वाजपुर, रामनेर, किशोरपुर, बनवारीवास, पारोही, मुकीमपुर सिवारा, जेवर बांगर, साबौता, चौरोली, दयानतपुर, बंकापुर और रोही समेत कुल 1857.77 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
विस्तारीकरण के तहत थोरा, नीमका, बनवारीवास, ख्वाजपुर, रामनेर और किशोरपुर गांवों का विस्थापन प्रस्तावित है। प्रशासन के अनुसार, बाहरी लोगों ने किसानों को लालच देकर या जमीन खरीदकर दो गुना मुआवजा और प्लॉट पाने की उम्मीद में कई जगह अवैध निर्माण किए।
तहसील प्रशासन ने 21 जनवरी से 30 मई के बीच ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए गए।
उपजिलाधिकारी कार्यालय के अनुसार, नीमका में 14, ख्वाजपुर में 41, करौली बांगर में 2, थोरा में 11, पारोही में 16 और रामनेर में 80 खसरा नंबरों पर नियमों के विरुद्ध निर्माण कर राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप में करीब 200 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं।