Wednesday, July 22, 2026 04:10:39 AM

जयपुर के डॉक्टर की आत्महत्या, परिवार को दुख
जयपुर में फोरेंसिक विभाग के HOD डॉ. एन.एल. डिसानिया का शव घर में मिला

जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. एन.एल. डिसानिया का शव उनके घर में फंदे से लटका मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जयपुर में फोरेंसिक विभाग के hod डॉ एनएल डिसानिया का शव घर में मिला
जयपुर के डॉक्टर की आत्महत्या, परिवार को दुख |

राजधानी जयपुर से बुधवार सुबह चिकित्सा जगत के लिए दुखद खबर सामने आई। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष (एचओडी) और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. एन.एल. डिसानिया का शव उनके खातीपुरा स्थित घर में फंदे से लटका मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात डॉ. डिसानिया के परिजन एक शादी समारोह से लौटे तो उन्होंने उन्हें कमरे में फंदे से लटका देखा। इसके बाद परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

डॉ. डिसानिया के निधन की खबर से एसएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उनके सहयोगियों, छात्रों और डॉक्टरों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया।

डॉ. एन.एल. डिसानिया राजस्थान के प्रमुख फोरेंसिक विशेषज्ञों में गिने जाते थे। वह लंबे समय से एसएमएस मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग का नेतृत्व कर रहे थे। मेडिको-लीगल मामलों, पोस्टमार्टम विज्ञान और फोरेंसिक जांच के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने वर्षों तक मेडिकल और पीजी छात्रों को प्रशिक्षण देने के साथ कई महत्वपूर्ण मामलों में विशेषज्ञ राय भी दी।

करीब दो महीने पहले ही उनकी देखरेख में एसएमएस मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक फोरेंसिक लैब की शुरुआत हुई थी। इस लैब से प्रदेश में फोरेंसिक जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी और उनके इस योगदान की काफी सराहना भी हुई थी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।


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