Monday, July 06, 2026 10:10:12 PM

आगाहपुर गांव में सुविधाओं का संकट
नोएडा के आगाहपुर गांव में मूलभूत सुविधाओं का संकट, गंदा पानी और उफनते सीवर से परेशान ग्रामीण

नोएडा के सेक्टर-41 स्थित आगाहपुर गांव में ग्रामीण गंदे पानी, उफनते सीवर, सफाई, ट्रैफिक और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। प्राधिकरण ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया है।

नोएडा के आगाहपुर गांव में मूलभूत सुविधाओं का संकट गंदा पानी और उफनते सीवर से परेशान ग्रामीण
आगाहपुर गांव में सुविधाओं का संकट |

उत्तर प्रदेश का आधुनिक और तेजी से विकसित हो रहा शहर नोएडा विकास की नई मिसाल बन रहा है, लेकिन सेक्टर-41 स्थित आगाहपुर गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव में स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और बेहतर बुनियादी सुविधाओं की कमी से ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक गंगाजल की पाइपलाइन नहीं पहुंची है। नोएडा प्राधिकरण की ओर से मिलने वाला पीने का पानी गंदा है, जिसके कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। मजबूरी में अधिकांश परिवार हर महीने एक हजार रुपये से अधिक खर्च कर बाहर से पानी खरीदकर पी रहे हैं।

गांव के शिव मंदिर तक जाने के लिए लोगों को उफनते सीवर से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर सुबह उन्हें सीवर की सफाई करनी पड़ती है। गांव की मूल आबादी 10 से 15 हजार के बीच है, जबकि यहां एक लाख से अधिक प्रवासी भी रहते हैं।

करीब 4 से 5 हजार मतदाताओं वाले इस गांव में 500 से अधिक घर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण अब तक स्वच्छ पानी, बेहतर सफाई और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाया है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने गांव की कई प्रमुख समस्याएं गिनाई हैं। इनमें बिजली कटौती, स्वच्छ पेयजल की कमी, नियमित सफाई का अभाव, गंगाजल सप्लाई नहीं होना, साप्ताहिक बाजार का न होना, शराब के ठेकों पर शराबियों की भीड़, बारिश में सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम, फुटओवर ब्रिज और सर्विस रोड का अभाव शामिल हैं।

ग्रामीण अंकित नागर ने बताया कि गांव में साप्ताहिक बाजार नहीं होने से लोगों, खासकर महिलाओं को सब्जी और अन्य सामान खरीदने के लिए सदरपुर, बरौला और सेक्टर-39 जाना पड़ता है। गणेश जाटव ने कहा कि गांव में बच्चों के खेलने के लिए न पार्क है और न ही खेल मैदान।

नीरज चौधरी ने बताया कि एलिवेटेड रोड पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और पिछले पांच वर्षों से फुटओवर ब्रिज की मांग पूरी नहीं हुई है। किट्टी प्रधान ने श्मशान घाट की अधूरी चारदीवारी को सुरक्षा के लिए खतरा बताया।

राजवीर मुखिया ने कहा कि खुले नाले से बदबू और बीमारियां फैल रही हैं तथा मानसून में नाले का पानी सड़कों पर आ जाता है। वहीं दीपांशु शर्मा ने बताया कि कचरा उठाने वाली गाड़ी कुछ ही देर रुकती है, जिससे लोग समय पर कचरा नहीं डाल पाते और गांव में गंदगी फैलती है।

सौरभ बैसोया के अनुसार, गंदे पानी की वजह से पूरा गांव बाहर से पानी खरीदने को मजबूर है।

इस मामले पर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश ने कहा कि गांव की सभी समस्याओं को नोट किया जा रहा है। नालों, सड़कों, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।


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