Wednesday, June 24, 2026 10:06:40 PM

राजस्थान-हरियाणा यमुना जल पर हुई सहमति
शेखावाटी को यमुना जल देने पर बनी सहमति, राजस्थान-हरियाणा के बीच समझौते की तैयारी

राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना पर सहमति बनी है। योजना के तहत चूरू, सीकर और झुंझुनूं तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा।

शेखावाटी को यमुना जल देने पर बनी सहमति राजस्थान-हरियाणा के बीच समझौते की तैयारी
राजस्थान-हरियाणा यमुना जल पर हुई सहमति |

राजस्थान और हरियाणा के बीच लंबे समय से लंबित यमुना जल परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय अंतर्राज्यीय बैठक में शेखावाटी क्षेत्र को यमुना का पानी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई।

बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों राज्यों के बीच यमुना जल परियोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य चूरू, सीकर और झुंझुनूं समेत शेखावाटी क्षेत्र तक यमुना का पानी पहुंचाने के लिए तैयार किए जा रहे मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) को अंतिम रूप देना था।

इस परियोजना के तहत राजस्थान तक पानी पहुंचाने के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए दोनों राज्यों के जल संसाधन विभागों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को केंद्रीय जल आयोग के पास अंतिम कानूनी स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्यों के बीच पानी को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद अब समाधान की दिशा में बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य आपसी सहयोग से समस्याओं का समाधान निकाल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह राजस्थान और मध्य प्रदेश ने मिलकर जल विवाद का समाधान निकाला, उसी तरह अब हरियाणा और राजस्थान भी यमुना जल परियोजना पर सहमति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रधानमंत्री की मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

यह परियोजना शेखावाटी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए क्षेत्र के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

सरकार की ओर से परियोजना के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी जारी है, ताकि समझौता होने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहतर जल प्रबंधन बेहद जरूरी है।


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