Tuesday, June 23, 2026 10:39:57 PM

I4C ने बॉस स्कैम को लेकर जारी किया अलर्ट
I4C चेतावनी: बिग कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाकर हो रहे 'बॉस स्कैम' फ्रॉड

I4C ने 'बॉस स्कैम' को लेकर चेतावनी जारी की है। साइबर ठग अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर कर्मचारियों से फर्जी फंड ट्रांसफर और भुगतान करवा रहे हैं।

i4c चेतावनी बिग कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाकर हो रहे बॉस स्कैम फ्रॉड
I4C ने बॉस स्कैम को लेकर जारी किया अलर्ट |

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने देश में तेजी से बढ़ रहे एक नए साइबर फ्रॉड 'बॉस स्कैम' या CEO इम्पर्सनेशन फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है। इस तरह के साइबर हमले में अपराधी बड़ी कंपनियों, संस्थानों और संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा एचआर कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।

I4C के अनुसार, साइबर ठग ईमेल या व्हाट्सएप के जरिए किसी जरूरी रेगुलेटरी कंप्लायंस दस्तावेज या आधिकारिक फाइल के नाम पर एक संदिग्ध फाइल या आर्काइव भेजते हैं।

फाइल खोलते ही डिवाइस पर हो जाता है नियंत्रण

एजेंसी ने बताया कि जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को खोलता है, उसमें मौजूद मैलवेयर उसके विंडोज डिवाइस में इंस्टॉल हो जाता है। इसके बाद साइबर अपराधी पीड़ित के एक्टिव Web WhatsApp सेशन और अन्य डिजिटल एक्सेस पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं।

अधिकारी बनकर कर्मचारियों को भेजते हैं निर्देश

सबसे बड़ा खतरा तब पैदा होता है जब अपराधी अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल करते हुए उसके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को मैसेज भेजते हैं। इन संदेशों में तत्काल भुगतान, इमरजेंसी फंड ट्रांसफर या गोपनीय वित्तीय लेनदेन करने के निर्देश दिए जाते हैं।

चूंकि मैसेज अधिकारी के असली नाम और व्हाट्सएप अकाउंट से आते हुए दिखाई देते हैं, इसलिए कर्मचारी अक्सर उन्हें सही मान लेते हैं और बड़ी रकम गलत खातों में ट्रांसफर कर देते हैं।

कंपनियों और संस्थानों के लिए गंभीर खतरा

I4C ने इस साइबर फ्रॉड को बेहद गंभीर बताया है। एजेंसी का कहना है कि इस तरह के हमलों से निजी कंपनियों, सरकारी संस्थानों और अन्य संगठनों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।

बचाव के लिए क्या करें?

एजेंसी ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अज्ञात फाइल, लिंक या आर्काइव को बिना जांच-पड़ताल के न खोलें। यदि किसी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से धनराशि ट्रांसफर करने का निर्देश मिले तो उसकी पुष्टि फोन कॉल या किसी अन्य आधिकारिक माध्यम से जरूर करें।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सतर्कता, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA), नियमित सुरक्षा अपडेट और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना ऐसे हमलों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।


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