Wednesday, June 24, 2026 10:08:14 PM

अलीगंज अग्निकांड में 18 अफसरों पर कार्रवाई
अलीगंज अग्निकांड: एलडीए ने 18 अभियंताओं और अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की

अलीगंज अग्निकांड मामले में एलडीए ने अवैध निर्माण और मानचित्र उल्लंघन को लेकर 18 अभियंताओं व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है।

अलीगंज अग्निकांड एलडीए ने 18 अभियंताओं और अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की
अलीगंज अग्निकांड में 18 अफसरों पर कार्रवाई |

लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण और मानचित्र उल्लंघन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अभियंताओं की जवाबदेही तय की है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मामले की जांच के बाद 18 अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

एलडीए उपाध्यक्ष ने मामले से संबंधित सभी अभिलेखों और फाइलों की स्वयं समीक्षा की। जांच के दौरान यह देखा गया कि संबंधित भूखंड का आवंटन कब हुआ, उसकी रजिस्ट्री कब हुई, भवन निर्माण के लिए मानचित्र कब स्वीकृत किया गया और निर्माण संबंधी नियमों के पालन की निगरानी किस स्तर पर की गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अलीगंज सेक्टर-डी स्थित जिस भवन का मानचित्र एकल आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था, वहां समय के साथ बहुमंजिला व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने लगीं। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी और आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई नहीं की गई।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण वर्षों तक मानचित्र उल्लंघन और अवैध निर्माण जारी रहा।

मामले में तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव की भूमिका को भी गंभीर माना गया है। अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2016 में भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था, लेकिन बाद में निर्माणकर्ता के प्रार्थना पत्र पर यह आदेश समाप्त कर दिया गया। जांच में यह सवाल उठाया गया है कि आदेश निरस्त होने के बाद भवन की वास्तविक स्थिति, उसके उपयोग और मानचित्र के अनुरूप निर्माण की दोबारा जांच क्यों नहीं कराई गई।

एलडीए ने तत्कालीन विहित प्राधिकारी के अलावा प्रवर्तन जोन-4 में तैनात रहे पांच जोनल अधिकारियों, छह सहायक अभियंताओं और छह अवर अभियंताओं की भूमिका को भी संदिग्ध और लापरवाहीपूर्ण मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।

रिपोर्ट में तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव के साथ-साथ जोनल अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे अधिशासी अभियंता अवनीन्द्र सिंह, बी.पी. मौर्या, पी.सी. पांडेय और आनंद मिश्रा के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा सहायक अभियंता सुनील कुमार, गिरीश चंद्र शर्मा, अमर कुमार मिश्रा, आर.एस. सिंह, अनिल कुमार और संजय शुक्ला के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

वहीं अवर अभियंताओं में जय प्रकाश नारायण, रवींद्र कुमार श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमोद पांडेय, अम्बरीश कुमार शर्मा, शिवानंद शुक्ला और निलंबित अवर अभियंता हेमंत कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश शासन को भेजी गई है।


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