डीआईईटी में 3000 से अधिक पद हुए नियमित |
प्रदेश के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डीआईईटी) में कार्यरत 3000 से ज्यादा पदों को शासन ने नियमित करने का फैसला लिया है। इस निर्णय से लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें सेवा सुरक्षा मिलने के साथ-साथ अपने भविष्य को लेकर भी अधिक भरोसा रहेगा।
अब तक इन पदों की स्थिति अस्थायी होने के कारण कर्मचारियों के बीच नौकरी की स्थिरता को लेकर चिंता बनी रहती थी। पदों के नियमित होने के बाद कर्मचारियों को सेवा संबंधी अधिक सुरक्षा और स्थायित्व मिलेगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से डीआईईटी संस्थानों की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी। साथ ही कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शैक्षिक गतिविधियों के संचालन में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
गौरतलब है कि डीआईईटी संस्थान प्रदेश में शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में पदों के नियमित होने से संस्थानों की व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
शासन के इस फैसले का कर्मचारियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। इसे लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने के रूप में देखा जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के साथ-साथ संस्थानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।