जिम्स हड़ताल पांचवां दिन भी जारी, सेवाएं प्रभावित |
ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आउटसोर्स कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को पांचवे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हैं। इस बीच जिला प्रशासन और पुलिस बल बड़ी संख्या में मौके पर तैनात रहा तथा कर्मचारियों को समझाने का प्रयास करता रहा, लेकिन बातचीत का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका।
नियमितीकरण की मांग को लेकर संस्थान के करीब 700 आउटसोर्स कर्मचारियों ने सोमवार से काम बंद कर रखा है। हड़ताल में नर्सिंग स्टाफ, ओटी तकनीशियन, लैब तकनीशियन, डेटा एंट्री ऑपरेटर और हाउसकीपिंग कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों के काम पर न होने से अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। वहीं आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं में आने वाले मरीजों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।
इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीजों और उनके परिजनों को पिछले चार दिनों से निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में जरूरी सेवाओं के प्रभावित होने से मरीजों की सुरक्षा और उपचार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 13 से 14 वर्षों से अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। उनका आरोप है कि कोरोना काल के दौरान उन्हें नियमित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब संस्थान में नई भर्तियां निकाली जा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है, इसलिए वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
गुरुवार को कर्मचारियों को मनाने के लिए सदर एसडीओ और ग्रेटर नोएडा एडीसीपी संतोष कुमार समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हड़ताल समाप्त कराने के लिए कर्मचारियों से बातचीत की, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
वहीं कई दिनों से धरने पर बैठे कुछ कर्मचारियों की तबीयत भी बिगड़ गई है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं और हड़ताल जारी रखने की बात कह रहे हैं।