NEET-UG परीक्षा के लिए MP में हाई अलर्ट |
21 जून को होने वाली NEET-UG परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर और बायोमैट्रिक सिस्टम लगाए जा रहे हैं। साथ ही विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रत्येक केंद्र के बाहर बड़ी घड़ी लगाई जाएगी और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति के लिए डॉक्टर भी तैनात रहेंगे।
भोपाल में 13,774 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
भोपाल में इस बार 13,774 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारियों को लेकर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने 32 केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में एक जैसे नाम वाले कई परीक्षा केंद्र हैं, वहां विद्यार्थियों को भ्रम से बचाने के लिए केंद्र का नाम और स्थान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
हमीदिया रोड स्थित केंद्रों के आसपास सड़क पर खड़े वाहनों को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में कोई परेशानी न हो। पुराने शहर में चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य को देखते हुए केंद्रों तक पहुंचने के लिए दिशा-सूचक बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी
परीक्षा में छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है।
परीक्षार्थियों के लिए स्पेशल ट्रेन
रेलवे ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है।
गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन 20 जून को चलेगी। यह ट्रेन इंदौर से सुबह 11:25 बजे रवाना होकर फतेहाबाद, बड़नगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर और बैरागढ़ होते हुए भोपाल पहुंचेगी।
वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल-रतलाम स्पेशल ट्रेन 20 जून की शाम 7:40 बजे भोपाल से रवाना होगी और विभिन्न स्टेशनों से होकर रतलाम पहुंचेगी।
इस ट्रेन में कुल 17 कोच होंगे, जिनमें 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी और 2 एसएलआर/डी कोच शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा परीक्षा के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को देखते हुए दी जा रही है।
ग्वालियर में विशेष इंतजाम
ग्वालियर जिले में 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 5 हजार विद्यार्थी परीक्षा देंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
प्रशासन ने बताया कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। परीक्षार्थियों की एंट्री सुबह 11 बजे से शुरू होगी और दोपहर 1 बजे के बाद किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। उपस्थिति बायोमैट्रिक प्रणाली से दर्ज की जाएगी।
विद्यार्थियों की सहायता के लिए व्हाट्सएप नंबर और 112 हेल्पलाइन भी जारी की गई है। यदि कोई छात्र ट्रैफिक में फंस जाता है तो वह सहायता प्राप्त कर सकता है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है और सभी केंद्रों पर निगरानी रखी जाएगी।
जबलपुर में पहली बार बस सुविधा
जबलपुर में 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। पहली बार विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए बस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।
अभिभावकों की सुविधा के लिए केंद्रों पर शेड, बैठने की व्यवस्था, कूलर, पंखे और अस्थायी कैंटीन की व्यवस्था भी की जा रही है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर और बायोमैट्रिक मशीनें लगाई जा रही हैं, जिनका ट्रायल 20 जून को किया जाएगा।
वीवीआईपी दौरे के बीच भी रहेगी विशेष व्यवस्था
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि परीक्षा के दिन बिजली और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसी दिन राष्ट्रपति Droupadi Murmu, Mangubhai Patel और Mohan Yadav के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की है।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा, यातायात और विद्यार्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।