Wednesday, July 22, 2026 04:05:52 AM

राम मंदिर दान विवाद पर ट्रस्ट को कानूनी नोटिस
राम मंदिर दान और खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग, ट्रस्ट को भेजा गया कानूनी नोटिस

RJD सांसद सुधाकर सिंह ने राम मंदिर दान और खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग करते हुए ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजा। मामले में विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

राम मंदिर दान और खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग ट्रस्ट को भेजा गया कानूनी नोटिस
राम मंदिर दान विवाद पर ट्रस्ट को कानूनी नोटिस |

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने गुरुवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजकर राम मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त दान और उसके खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। यह नोटिस उनके वकील और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से भेजा गया है।

नोटिस ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी को संबोधित किया गया है। इसमें ट्रस्ट से कहा गया है कि वह वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक प्राप्त दान और किए गए खर्च का विस्तृत, मदवार और वर्षवार ब्यौरा नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर सार्वजनिक करे।

नोटिस में ऑडिट की गई बैलेंस शीट, आय-व्यय का पूरा विवरण, ऑडिटर की रिपोर्ट, बैंक खातों से संबंधित जानकारी, भूमि खरीद के रिकॉर्ड और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत प्राप्त किसी भी विदेशी योगदान का विवरण भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

यह कानूनी नोटिस समाजवादी पार्टी (SP) के पूर्व अयोध्या विधायक पवन पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद भेजा गया है। पवन पांडे ने दावा किया था कि राम मंदिर के लिए प्राप्त दान में से लगभग 7 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।

इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी को "संदिग्ध" करार देते हुए न्यायपालिका से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रशासन से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की है।

वहीं, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में "चोरी" आम बात बन गई है और पार्टी पर EVM से लेकर भगवान राम के भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे तक में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया।

संजय राउत ने कहा, "राम मंदिर में चढ़ावे के तौर पर आए 5 करोड़ रुपये से अधिक की डकैती जिस तरह हुई, वह सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रही है। अगर भगवान राम को चढ़ाए गए 5 करोड़ रुपये चोरी हो जाते हैं, तो इसके लिए उत्तर प्रदेश और केंद्र, दोनों जगह की सरकार जिम्मेदार है। आप EVM, वोट और सीटें चुराते हैं और यहां तक कि भगवान राम को चढ़ाए गए चढ़ावे में भी चोरी करते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि भगवान राम उन्हें फिर से अयोध्या बुला रहे हैं। राउत के मुताबिक, उन्होंने उद्धव ठाकरे से इस विषय पर चर्चा की है और अयोध्या जाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह सबसे पहले भगवान राम के दर्शन करेंगे और उनके समक्ष सिर झुकाकर क्षमा मांगेंगे।


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