हरियाणा के 8 अस्पतालों में लगेंगी मैमोग्राफी मशीने |
महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने राज्य के आठ जिला अस्पतालों में फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (FFDM) मशीनें स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा शुरू किए गए ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक कार्यक्रम के तहत की जा रही है।
स्तन कैंसर की जांच होगी आसान
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इन मशीनों के जरिए महिलाओं को स्तन कैंसर की जांच और समय पर उपचार की बेहतर सुविधा मिलेगी।
मैमोग्राफी मशीनें पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल और नारनौल के जिला नागरिक अस्पतालों के साथ-साथ गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्थापित की जाएंगी।
इन मशीनों के लगने से महिलाओं को उन्नत जांच सुविधाएं अपने जिले में ही मिल सकेंगी और उन्हें इलाज या जांच के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ पहल के तहत हो रहा कार्य
डॉ. मिश्रा ने बताया कि ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 29 मई 2026 को किया था।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्क्रीनिंग, जांच, परामर्श, निदान और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
11 मशीनों की खरीद को मंजूरी
उन्होंने बताया कि हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HMSCL) के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य खरीद एवं क्रय समिति (SHPPC) ने 11 फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की खरीद को मंजूरी दे दी है।
प्रत्येक मशीन की लागत लगभग 1.18 करोड़ रुपये है। इन मशीनों की स्थापना से महिलाओं के लिए कैंसर जांच सेवाओं का विस्तार होगा और स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत होंगी।
अभी सीमित जिलों में उपलब्ध है सुविधा
वर्तमान में मैमोग्राफी की सुविधा केवल अंबाला छावनी के उपमंडल नागरिक अस्पताल तथा झज्जर और रोहतक जिलों में उपलब्ध है।
नई मशीनों के स्थापित होने के बाद राज्य के अधिक जिलों में स्तन कैंसर जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव होगी और उपचार की सफलता दर भी बढ़ेगी।
पीएम केयर्स से मिलेंगी 5 अतिरिक्त मशीनें
डॉ. मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पीएम केयर्स योजना के तहत हरियाणा को पांच अतिरिक्त मैमोग्राफी यूनिट देने की मंजूरी दी है।
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC) के माध्यम से नौ मशीनों की मांग की थी, जिनमें से पांच मशीनों को स्वीकृति मिली है।
इन अतिरिक्त मशीनों को मरीजों की संख्या, स्थानीय जरूरत और सेवा मांग के आधार पर अन्य जिलों में स्थापित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को जांच की सुविधा मिल सके।
समय पर जांच से बढ़ेगी उपचार की सफलता
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि स्तन कैंसर के खिलाफ लड़ाई में समय पर जांच सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है।
उन्होंने कहा कि शुरुआती पहचान से इलाज अधिक प्रभावी होता है और बीमारी से होने वाली जटिलताओं व मृत्यु दर को भी कम किया जा सकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि मैमोग्राफी सेवाओं के विस्तार से महिलाओं को समय पर जांच और उपचार मिलेगा तथा राज्य में महिला स्वास्थ्य से जुड़े संकेतकों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।