Wednesday, July 22, 2026 03:43:23 AM

दिल्ली में बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का किया पर्दाफाश, 12 गिरफ्तार, पांच नवजात सुरक्षित बचाए

दिल्ली पुलिस ने बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश कर 12 लोगों को गिरफ्तार किया। पांच नवजात शिशुओं को सुरक्षित बचाया गया।

दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का किया पर्दाफाश 12 गिरफ्तार पांच नवजात सुरक्षित बचाए
दिल्ली में बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ |

दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम ने गुरुवार सुबह एक बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया और पांच नवजात शिशुओं को सुरक्षित छुड़ाया। गिरफ्तार किए गए लोगों में रोहिणी के बेगमपुर क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल का मालिक भी शामिल है, जो पेशे से डॉक्टर है।

पुलिस को शक है कि डॉक्टर ने अपने अस्पताल का इस्तेमाल बच्चों की तस्करी के लिए किया और इसके जरिए एक संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

ग्राहक की आर्थिक स्थिति के हिसाब से तय होती थी कीमत

पुलिस के अनुसार, बेगमपुर स्थित हीरा कपूर हॉस्पिटल इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र था। अस्पताल के मालिक डॉक्टर विवेक को गिरफ्तार किया गया है। 25 बेड वाले इस अस्पताल में राजस्थान के पाली से नवजात शिशुओं को लाकर रखा जाता था और बाद में उन्हें बेच दिया जाता था।

जांच में सामने आया है कि बच्चों की कीमत खरीदार की आर्थिक स्थिति के अनुसार तय की जाती थी।

पांच नवजातों में चार लड़के और एक लड़की शामिल

प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने बताया कि हीरा कपूर अस्पताल में नवजात और छोटे बच्चों को डे-केयर सुविधा के नाम पर रखा जाता था। गिरोह बेहद गरीब परिवारों से नवजात और बच्चों को खरीदता था।

पुलिस ने जिन पांच नवजातों को आरोपितों के कब्जे से मुक्त कराया है, उनमें चार लड़के और एक लड़की शामिल हैं। इनमें से एक नवजात मात्र दो दिन का है, जिसे मध्य प्रदेश के ग्वालियर से लाया गया था।

कई राज्यों में फैला था गिरोह का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, गिरोह गरीब परिवारों के उन बच्चों को निशाना बनाता था, जिनका जन्म अस्पतालों में होता था। बाद में इन बच्चों को ऐसे दंपतियों को बेचा जाता था, जिनकी कोई संतान नहीं थी और जो कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना अवैध तरीके से बच्चा गोद लेना चाहते थे।

जांच में पता चला है कि यह गिरोह नवजात शिशुओं की तस्करी कर उन्हें अवैध रूप से बेचने का काम करता था। इसके सदस्य दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से जुड़े हुए हैं।

बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया

पुलिस ने बताया कि बचाए गए पांचों नवजातों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उन्हें जल्द ही बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।


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