लखनऊ में फर्जी आईपीएस गिरफ्तार |
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महानगर क्षेत्र के गोल मार्केट चौराहे पर रविवार देर रात एक व्यक्ति खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रौब झाड़ रहा था। चाय की दुकान पर हुए विवाद के दौरान उसकी सच्चाई सामने आ गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताता था और इसी पहचान के दम पर लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश करता था।
चाय की दुकान पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात गोल मार्केट चौराहे पर स्थित एक चाय की दुकान पर भुगतान को लेकर आरोपी का दुकानदार से विवाद हो गया। आरोप है कि वह चाय विक्रेता को धमका रहा था, जिसके बाद दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर महानगर थाने से एक दारोगा मौके पर पहुंचे। इस दौरान आरोपी ने पुलिस अधिकारी से भी अभद्र व्यवहार किया और उनसे पूछा कि उन्होंने उसे सैल्यूट क्यों नहीं किया।
दारोगा को भी दी धमकी
एसीपी महानगर अंकित कुमार के मुताबिक, आरोपी ने मौके पर मौजूद दारोगा को धमकाते हुए कहा कि उन्होंने टोपी क्यों नहीं पहनी और उसे सैल्यूट क्यों नहीं किया। वह लगातार अपने कथित आईपीएस पद का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।
जब पुलिस ने उससे पहचान पत्र मांगा तो वह कोई वैध आईडी नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस को उस पर शक हुआ और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
पूछताछ में खुला फर्जीवाड़ा
पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंची, जहां पूछताछ के दौरान उसके दावों की जांच की गई। जांच में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और खुद को झूठा अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाता था।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
खुद को नोएडा में तैनात IPS बताता था
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 40 वर्षीय मिथलेश शुक्ला के रूप में हुई है। वह सीतापुर रोड स्थित भरत नगर का निवासी बताया जा रहा है। थाना प्रभारी के मुताबिक, आरोपी अक्सर खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों के बीच प्रभाव जमाने की कोशिश करता था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मियों से बहस करता और खुद को बड़े पद का अधिकारी बताता दिखाई दे रहा है।
वीडियो में वह पुलिसकर्मियों से सैल्यूट करने की मांग करता है और उनका नाम-पता पूछकर उन्हें निलंबित कराने की धमकी भी देता नजर आ रहा है। हालांकि उसके व्यवहार और बातचीत के तरीके से पुलिसकर्मियों को उस पर संदेह हो गया था।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी आईपीएस बनकर अब तक कितने लोगों को प्रभावित किया या किसी प्रकार की ठगी को अंजाम दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।