Friday, July 03, 2026 06:57:02 PM

दिल्ली के जाम से मुक्ति का पहला बड़ा प्रयास
दिल्ली के तीन बड़े कॉरिडोर होंगे जाम मुक्त, एनएचएआई ने शुरू की तैयारी

एनएचएआई दिल्ली के तीन प्रमुख कॉरिडोर को जाम मुक्त बनाने की तैयारी में जुट गया है। इससे दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ के लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।

दिल्ली के तीन बड़े कॉरिडोर होंगे जाम मुक्त एनएचएआई ने शुरू की तैयारी
दिल्ली के जाम से मुक्ति का पहला बड़ा प्रयास |

दिल्ली में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल शुरू हो गई है। करीब एक साल पहले दिल्ली सरकार की ओर से किए गए अनुरोध के बाद अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजधानी के तीन सबसे व्यस्त कॉरिडोर को जाम मुक्त बनाने की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। इसके लिए एनएचएआई ने व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल दिल्ली के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आने-जाने वाले लाखों यात्रियों को भी फायदा होगा।

इन तीन मार्गों पर होगा काम

एनएचएआई जिन तीन प्रमुख मार्गों पर काम करेगा, उनमें शामिल हैं—

  • मथुरा रोड: इंडिया गेट से बदरपुर तक
  • रोहतक रोड (टीकरी कॉरिडोर): पंजाबी बाग से पीरागढ़ी होते हुए टीकरी बॉर्डर तक
  • एमजी रोड: अंधेरिया मोड़ से गुरुग्राम बॉर्डर तक

इन तीनों मार्गों पर लंबे समय से भारी ट्रैफिक और जाम की समस्या बनी रहती है।

दिल्ली और आसपास के शहरों को मिलेगा लाभ

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ के बीच सफर पहले से अधिक आसान और तेज हो जाएगा। अगर काम तय समय पर पूरा होता है तो इससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और राजधानी की अर्थव्यवस्था व लोगों के जीवन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

आमतौर पर दिल्ली की सड़कों का रखरखाव लोक निर्माण विभाग (PWD) करता है, लेकिन इन मार्गों की जटिलता और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े होने के कारण दिल्ली सरकार ने एनएचएआई से इन्हें विकसित करने का अनुरोध किया था।

तीनों कॉरिडोर की खासियत

मथुरा रोड:
करीब 15 किलोमीटर लंबा यह मार्ग इंडिया गेट को बदरपुर, फरीदाबाद और आगरा से जोड़ता है। इस सड़क पर सात प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल हैं, जिनमें निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, भोगल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जामिया कट, सीआरआरआई और अपोलो अस्पताल प्रमुख हैं। यहां अक्सर लंबा जाम लगता है।

रोहतक रोड:
करीब 17 किलोमीटर लंबा यह मार्ग पंजाबी बाग से टीकरी बॉर्डर तक जाता है। भारी वाहनों और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यहां ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। इस मार्ग पर पीरागढ़ी, नांगलोई, मुंडका और टीकरी बॉर्डर सहित छह प्रमुख सिग्नल हैं।

एमजी रोड:
करीब 18 किलोमीटर लंबा यह मार्ग दिल्ली और गुरुग्राम के बीच आने-जाने वाले लाखों लोगों के लिए बेहद अहम है। इस सड़क पर सुल्तानपुर, घिटोरनी, अर्जनगढ़ और सिकंदरपुर जैसे चार प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल हैं, जहां रोजाना जाम लगता है।

लोगों को क्या फायदा होगा?

इन तीनों कॉरिडोर के जाम मुक्त होने से यात्रियों का सफर 30 से 40 प्रतिशत तक तेज होने की उम्मीद है। इससे वाहनों का ईंधन कम खर्च होगा, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।

डीपीआर के दौरान यह तय किया जाएगा कि किन स्थानों पर फ्लाईओवर, अंडरपास, फुटओवर ब्रिज, सड़क चौड़ीकरण और जंक्शन सुधार की जरूरत है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक कम करना और वाहनों की औसत रफ्तार बढ़ाना है।

वहीं, लोक निर्माण विभाग के पूर्व प्रमुख अभियंता दिनेश कुमार ने कहा कि इंडिया गेट-बदरपुर, अंधेरिया मोड़-गुरुग्राम और पंजाबी बाग-टीकरी बॉर्डर दिल्ली के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल हैं। इनके सिग्नल फ्री होने से दिल्ली ही नहीं, हरियाणा के लाखों लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।


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