Saturday, July 18, 2026 02:34:44 AM

वनरक्षक भर्ती डमी कैंडिडेट गिरफ्तार
वनरक्षक भर्ती में डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने वाली युवती गिरफ्तार, रीट परीक्षा में भी कर चुकी थी धोखाधड़ी

एसओजी की जांच में राजस्थान में वनरक्षक भरती के परीक्षा में धोखाधड़ी का विस्तृत खुलासा हुआ। युवती प्रमिला (29) को गिरफ्तार किया गया है। उसने डमी अभ्यर्थी के सहयोग से दो बार ही भर्ती साबित करने की योजना बनाई थी।

वनरक्षक भर्ती में डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने वाली युवती गिरफ्तार रीट परीक्षा में भी कर चुकी थी धोखाधड़ी
वनरक्षक भर्ती डमी कैंडिडेट गिरफ्तार |

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 में डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाकर नौकरी हासिल करने वाली एक युवती को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले रीट भर्ती परीक्षा में भी इसी तरह की धोखाधड़ी करने की कोशिश कर चुकी थी।

वनरक्षक भर्ती में डमी कैंडिडेट से दिलाई परीक्षा

एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान 29 वर्षीय प्रमिला, निवासी सरनाऊ, सांचौर (जालौर) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में वनरक्षक, वनपाल नाका जीरावल, रेवदर (सिरोही) में तैनात थी।

उन्होंने बताया कि वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020, जिसका आयोजन राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर ने वर्ष 2022 में कराया था, उसमें प्रमिला का परीक्षा केंद्र राजसमंद के कांकरोली में था। 13 नवंबर 2022 को हुई परीक्षा में प्रमिला खुद शामिल नहीं हुई, बल्कि अपनी जगह एक डमी कैंडिडेट को परीक्षा देने भेजा।

डमी अभ्यर्थी की मदद से परीक्षा पास करने के बाद प्रमिला का वनरक्षक पद पर चयन हो गया और उसने नौकरी भी हासिल कर ली।

जांच में खुला पूरा मामला

एसओजी ने वर्ष 2025 में दर्ज मामले की जांच के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया। जांच में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद प्रमिला को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।

रीट परीक्षा में भी कर चुकी थी धोखाधड़ी की कोशिश

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रमिला ने रीट भर्ती परीक्षा-2021 में भी अपनी जगह डमी कैंडिडेट को परीक्षा दिलाने की योजना बनाई थी।

हालांकि, परीक्षा शुरू होने से पहले ही जयपुर के सिंधी कैंप थाना पुलिस ने मुख्य अभ्यर्थी और डमी कैंडिडेट, दोनों को पकड़ लिया था। इस मामले में साल 2021 में सिंधी कैंप थाने में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

केस छिपाकर हासिल की सरकारी नौकरी

एसओजी के अनुसार, प्रमिला ने वनरक्षक पद पर जॉइनिंग के समय सिंधी कैंप थाने में दर्ज मामले की जानकारी छिपाई। उसने सांचौर थाना पुलिस से पुलिस सत्यापन भी इस तरह कराया कि दर्ज केस की जानकारी सामने नहीं आई और इसी आधार पर उसने वनरक्षक की सरकारी नौकरी ज्वाइन कर ली।

अब एसओजी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे।


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