भारत पाकिस्तानी तनाव पर सख्त रुख |
भारत सरकार ने पाकिस्तान की ओर से लगातार उठाए जा रहे सिंधु जल संधि के मुद्दे पर कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को साफ कहा कि अगर पाकिस्तान इस संधि पर आगे बातचीत चाहता है, तो उसे सीमा-पार आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद करना होगा।
पाकिस्तान को भारत का स्पष्ट संदेश
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख पहले जैसा ही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा-पार आतंकवाद को समर्थन दिए जाने के कारण यह संधि फिलहाल स्थगित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन भरोसेमंद और स्थायी रूप से बंद नहीं करता, तब तक इस मुद्दे पर आगे बढ़ना संभव नहीं है।
वेनेजुएला में भारतीय नाविक के मामले को उठाया
रणधीर जायसवाल ने बताया कि वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव के साथ कथित छेड़छाड़ और अंग निकाले जाने के मामले को भारत ने वेनेजुएला सरकार के सामने उठाया है।
उन्होंने कहा कि भारत ने इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।
तीस्ता नदी परियोजना पर भारत का रुख
तीस्ता नदी परियोजना पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत की ओर से दी जाने वाली सहायता दोनों देशों के बीच आपसी सहमति से तय रोडमैप के आधार पर होती है और इसकी समय-समय पर समीक्षा भी की जाती है।
उन्होंने कहा कि भारत इस परियोजना पर अपने विचार पहले ही बांग्लादेश को बता चुका है और आगे की नीति बनाते समय सभी संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
ईरान में अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा तेहरान पहुंचे हैं। दोनों ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अफगानिस्तान पर भी रखा भारत का पक्ष
अफगानिस्तान के मुद्दे पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की थी, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।
उन्होंने कहा कि भारत ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त की थी और अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता तथा संप्रभुता के प्रति अपना समर्थन दोहराया था।
साथ ही उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान को मानवीय सहायता देना लगातार जारी रखे हुए है। भारत वहां दवाइयों के साथ-साथ अन्य जरूरी सहायता भी भेजता रहा है।