Saturday, July 18, 2026 01:33:35 AM

बदरीनाथ धाम चढ़ावा घोटाला
बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामला: मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अब मंदिर कर्मियों के लिए बिना जेब की ड्रेस अनिवार्य

बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार। सीसीटीवी में नोट छिपाने की पुष्टि के बाद कार्रवाई, मंदिर कर्मियों के लिए बिना जेब की ड्रेस अनिवार्य।

बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामला मुख्य आरोपी गिरफ्तार अब मंदिर कर्मियों के लिए बिना जेब की ड्रेस अनिवार्य
बदरीनाथ धाम चढ़ावा घोटाला |

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल, जो बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में पूर्व वैयक्तिक सहायक था, को एसआईटी ने गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीसीटीवी फुटेज में उसके मोबाइल के नीचे नोटों के बंडल छिपाकर ले जाने की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।

यह मामला 2 जुलाई को सामने आया था, जब बदरीनाथ धाम में नकद चढ़ावे और सोने-चांदी की गिनती के दौरान हेराफेरी की आशंका जताई गई। इसके बाद शिकायत मिलने पर मंदिर समिति ने विभागीय जांच के आदेश दिए और चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया।

जांच के दौरान प्रमोद नौटियाल को पहले गिनती और प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी से हटाया गया, फिर उसे देहरादून कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। 6 जुलाई को जांच में सामने आया कि 2 जुलाई को वह गिनती स्थल पर अकेला मौजूद था। उसी दिन सीसीटीवी फुटेज में उसके मोबाइल के नीचे नोटों के बंडल छिपाकर ले जाने के दृश्य भी सामने आए। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया और शासन ने मंडलायुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की।

8 जुलाई को मंदिर समिति ने चढ़ावा गणना की दशकों पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सभी ड्यूटी कर्मियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस पहनना अनिवार्य कर दिया। साथ ही गणना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या एक से बढ़ाकर तीन कर दी गई। इसी दिन प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई और एसपी चमोली ने एसआईटी का गठन किया।

जांच के दौरान एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। 10 जुलाई को मंदिर समिति की चार सदस्यीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि प्रमोद नौटियाल ने सिर्फ पांच दिनों में आठ बार सोने-चांदी की दान सामग्री और नकद चढ़ावे में हेराफेरी की। जांच में कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।

इसके बाद 12 जुलाई की रात एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल को देहरादून स्थित उसके आवास से हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।


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