चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमला |
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक टावर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। न्यूज एजेंसी AP के अनुसार, यह तस्वीर ईरान के चाबहार पोर्ट स्थित एक टावर की बताई जा रही है। हालांकि, हेगसेथ ने अपनी पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि तस्वीर किस स्थान की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हवाई हमलों के कई दौर हुए हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने भी इस क्षेत्र पर तीसरे दौर के हमलों की पुष्टि की है, लेकिन टावर के गिरने की तत्काल पुष्टि नहीं की।
बताया जा रहा है कि यह टावर ईरान का तटीय निगरानी और समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर था, जिसका उपयोग व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और ईरान के अर्धसैनिक बल IRGC की गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जाता था।
इस बीच राहत की बात यह है कि चाबहार पोर्ट में भारत के निवेश को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है। भारत ने इस परियोजना में करीब 120 मिलियन डॉलर (लगभग 1,000 करोड़ रुपये) का निवेश किया है। यह निवेश शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के विकास, क्रेन, कार्गो हैंडलिंग उपकरण और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए किया गया था।
जिस टावर को नुकसान पहुंचा है, वह शाहिद कलंतरी पोर्ट क्षेत्र में स्थित था और उसका भारत के निवेश से कोई संबंध नहीं था।
उधर, ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना द्वारा लगातार छठी रात ईरानी सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद की गई। पिछले महीने हुए युद्धविराम के बावजूद दोनों देशों के बीच लगातार हमले जारी हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।