नोएडा: पीजी-कोचिंग में कड़े फायर सेफ्टी मानक |
नोएडा। लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद नोएडा में छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल और यूपी पीजी एसोसिएशन की ओर से सेक्टर-22 स्थित एक सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि शहर के सभी पीजी और कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उन्हें जल्द ही पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, यूपी पीजी एसोसिएशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष अंकुर बंसल ने कार्यक्रम का संचालन किया।
इस अवसर पर शहर के कई समाजसेवी, शिक्षाविद और संस्थान संचालक मौजूद रहे। इनमें निशांत सारस्वत, अजय सोनी, शमा, अनूप कुमार, निमांशु वर्मा और वर्तुल शर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे। इसके अलावा जितेन्द्र कौशिक, राम मिलाप यादव, दीपक पाल, आशीष मित्तल, आर. नारायण तिवारी, मनीष तिवारी और नितिन अग्रवाल ने भी सुरक्षा मानकों को लागू करने में सहयोग का भरोसा दिया।
सम्मेलन में फायर सेफ्टी को लेकर चार प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया गया। इसके तहत सभी पीजी और कोचिंग संस्थानों में प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते सुनिश्चित करने, प्रमाणित विद्युत केबलों के उपयोग, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने तथा आग पर शुरुआती स्तर पर नियंत्रण के लिए फायर सेफ्टी बॉल तकनीक अपनाने की बात कही गई।
मुख्य अतिथि विकास जैन ने कहा कि अधिकतर हादसे जागरूकता की कमी और निम्न गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री के कारण होते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।
यूपी पीजी एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर बंसल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि देशभर से पढ़ाई के लिए नोएडा आने वाले छात्रों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लखनऊ जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी संचालकों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
सम्मेलन के दौरान विकास जैन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि पीजी और कोचिंग संचालकों को फायर सेफ्टी बॉल सीधे निर्माता कंपनियों से मंगवाकर बिना किसी लाभ के लागत मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उपस्थित संचालकों ने स्वागत किया और कहा कि इससे छोटे संस्थानों को भी सुरक्षा उपकरण आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी संचालकों ने अपने संस्थानों को फायर सेफ्टी के मामले में बेहतर बनाने का संकल्प लिया। साथ ही लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।