बीट पुलिसिंग: हर व्यक्ति की जानकारी रखेंगे सिपाही |
जिले में बीट पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत प्रत्येक बीट सिपाही अपने क्षेत्र के सभी लोगों की जानकारी रखेगा। मंदिर के पुजारी, मस्जिद के मौलवी, गणमान्य नागरिकों से लेकर अपराधियों तक का पूरा ब्यौरा अब बीट सिपाही के पास उपलब्ध रहेगा।
सेंट्रल जोन के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बुधवार को बादलपुर कोतवाली में पुलिसकर्मियों के साथ सम्मेलन कर बीट पुलिसिंग को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिसकर्मियों को यक्ष ऐप के माध्यम से बीट पुलिसिंग की कार्यप्रणाली समझाई गई। साथ ही लंबित विवेचनाओं का निस्तारण 60 से 90 दिनों के भीतर करने के निर्देश भी दिए गए।
एडीसीपी ने बताया कि प्रत्येक बीट सिपाही को एक निर्धारित क्षेत्र सौंपा गया है, जहां रहने वाले अपराधियों और सम्मानित नागरिकों सहित सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों की जानकारी उसे रखनी होगी। अब पासपोर्ट और शस्त्र लाइसेंस के सत्यापन की जिम्मेदारी भी बीट सिपाहियों को दी गई है। इसके लिए अलग से किसी उपनिरीक्षक की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक कोतवाली के लगभग 25 प्रतिशत सिपाही प्रतिदिन अपनी-अपनी बीट में भ्रमण करेंगे। इसके अलावा आईजीआरएस से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी भी बीट सिपाहियों को सौंपी गई है।
पुलिस ने चौकियों को भी अलग-अलग बीट में विभाजित किया है। प्रत्येक बीट में एक या दो सिपाही तैनात किए गए हैं, जबकि उनकी निगरानी के लिए एक बीट प्रभारी नियुक्त किया गया है। चौकी प्रभारी को ही बीट प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई है। बीट सिपाही और प्रभारी अपने क्षेत्र से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
पुलिस अधिकारियों ने गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक क्षेत्र में विशेष टीम गठित कर लापता लोगों की तलाश की जाए। वहीं किसी भी अपराध की स्थिति में संबंधित बीट सिपाही की जवाबदेही भी तय की जाएगी।