नोएडा सीवर हादसा: लापरवाही से सफाईकर्मी की मौत |
नोएडा में एक बार फिर सीवर सफाई के दौरान बड़ा हादसा सामने आया है। इस घटना ने प्राधिकरण के अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए एक सफाईकर्मी को मेनहोल के अंदर उतारा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, सफाईकर्मी शिवा को सीवर की सफाई के लिए मेनहोल में उतारा गया था। बताया जा रहा है कि वह अंदर ऑप्टिकल फाइबर केबल के जाल में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। हादसे के बाद उसे बाहर निकालकर तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नियमों के खिलाफ हुई सफाई?
इस घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण का जल एवं सीवर विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
जल खंड के वरिष्ठ प्रबंधक पी.सी. सेन के अनुसार, ठेकेदार ललित त्यागी ने शाम करीब 4 बजे सुरक्षा उपकरणों के साथ सफाईकर्मी को मेनहोल में उतारा था। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि मेनहोल में कर्मचारी को उतारने की जानकारी संबंधित अवर अभियंता को नहीं दी गई।
वहीं, प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जल-सीवर) आर.पी. सिंह का कहना है कि सफाईकर्मी को शाम करीब 6:30 बजे मेनहोल में उतारा गया, जबकि शाम 5 बजे के बाद सीवर की सफाई करना नियमों के खिलाफ है। इस संबंध में पहले से स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
मशीनें थीं, फिर भी कर्मचारी को उतारा गया
प्राधिकरण के अनुसार, सीवर सफाई के लिए उनके पास तीन सुपर सकर मशीनें, दो निजी सुपर सकर मशीनें और छह सीवर क्लीनिंग मशीनें उपलब्ध हैं। इसके बावजूद ठेकेदार ने मशीनों का उपयोग किए बिना सफाईकर्मी को सीधे सीवर में उतार दिया।
काफी देर तक बाहर नहीं आया कर्मचारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सफाईकर्मी शिवा काफी देर तक मेनहोल से बाहर नहीं निकला। जब साथियों को चिंता हुई तो उन्होंने उसे बाहर निकालने की कोशिश की। बाहर निकालने पर उसकी हालत गंभीर थी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
मौत की वजह क्या थी?
घटना की सूचना मिलते ही थाना फेज-2 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक आशंका है कि सीवर के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सुरक्षा मानकों की होगी जांच
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह भी देखा जाएगा कि सीवर सफाई के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और सफाईकर्मी को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं।
इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। वहीं, घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब सीवर सफाई के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं, तो आखिर कर्मचारियों को अपनी जान जोखिम में डालकर मेनहोल के अंदर क्यों उतारा जा रहा है?