पीलीभीत अस्पताल में चाकू कांड: छात्रा की हत्या |
मंगलवार सुबह पीलीभीत जिला अस्पताल के सीटी स्कैन रूम में एक चौकाने वाली वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। पैरामेडिकल छात्र सागर सिंह ने अपनी सहपाठी कशिश पटेल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कशिश की बाद में बरेली में मौत हो गई। बचाव के लिए आगे आई स्टाफ नर्स निधि भी चाकू की चोट खाकर घायल हो गईं।
पूरी घटना का सनसनीखेज विवरण
बरेली के केसरपुर गांव की रहने वाली 20 वर्षीय कशिश पटेल मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल टेक्नीशियन की प्रथम वर्ष की छात्रा थी। ट्रेनिंग के सिलसिले में वह मंगलवार सुबह जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में आई थी। कानपुर निवासी आरोपी सागर सिंह ने कथित तौर पर एकतरफा प्यार के झगड़े में यह जघन्य कांड किया।
सीसीटीवी फुटेज में सारी घटना साफ कैद हो गई है। सुबह करीब 8:24 बजे सागर सीटी स्कैन रूम में आया, कशिश को देखा और बाहर चला गया। फिर एक्सरे रूम से बैग में रखा चाकू निकालकर एप्रन में छुपाया और 8:34 बजे दोबारा रूम में घुसा। उसने कशिश के गले और पेट पर लगातार चाकू से वार कर दिए।
जब कशिश बचाव के लिए चीखी, तो स्टाफ नर्स निधि (चौक बाजार निवासी) मदद के लिए पहुंचीं। सागर ने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया। वारदात के समय मरीज सीटी स्कैन कराने के लिए बाहर इंतजार कर रहे थे। खून से लथपथ कशिश और चीखती नर्स को देखकर मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग डर के मारे भाग खड़े हुए।
सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आरोपी सागर सिंह को चाकू के साथ दबोच लिया। घायल कशिश और निधि को इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां कशिश की हालत गंभीर देखकर उसे बरेली रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान कशिश की मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपी सागर सिंह को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ जारी है। एसपी ने साफ कहा कि यह हमला एकतरफा प्यार से जुड़े विवाद का नतीजा था। आरोपी को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया।
कॉलेज में हड़कंप, छात्रों का प्रदर्शन
इस जघन्य घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। मरीजों का इलाज भी कुछ देर के लिए प्रभावित रहा। घटना की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति तीन दिन में रिपोर्ट देगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगी।
घटना की जानकारी मिलते ही पैरामेडिकल छात्र-छात्राएं जिला अस्पताल के ग्राउंड में धरने पर बैठ गए। उन्होंने हॉस्टल सुविधा न मिलने, तानाशाही और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अरुण ने छात्रों को समझाकर धरना शांत कराया।
नोट: पूरी वारदात सीसीटीवी में दर्ज है, जो पुलिस की जांच में अहम सबूत बनेगी।
यह घटना युवाओं में बढ़ते गुस्से और सुरक्षा की कमी की ओर इशारा करती है। अस्पताल जैसी जगहों पर भी छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग जोर पकड़ रही है।