सेक्टर-121 स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में मंगलवार को भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलराम, माता सुभद्रा और सुदर्शन महाराज का पावन नेत्रोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। देवस्नान पूर्णिमा के बाद परंपरा के अनुसार भगवान के अनसर काल (अस्वस्थ रहने की अवधि) की समाप्ति के बाद उनके नवयौवन स्वरूप के प्रथम दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
भगवान के दिव्य नेत्रों के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। मंदिर परिसर पूरे दिन भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमोद बहल ने बताया कि 16 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य एवं पारंपरिक रथयात्रा दोपहर 3 बजे श्री जगन्नाथ मंदिर, सेक्टर-121 से प्रारंभ होकर सेक्टर-71 स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर तक जाएगी।
उन्होंने बताया कि रथयात्रा में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलराम, माता सुभद्रा और सुदर्शन महाराज दिव्य रथ पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इस दौरान भक्तों को रथ खींचने और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर मिलेगा।
प्रमोद बहल ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रथयात्रा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का महापर्व है, जिसमें शामिल होकर भक्त भगवान का विशेष आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।सेक्टर-121 स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में मंगलवार को भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलराम, माता सुभद्रा और सुदर्शन महाराज का पावन नेत्रोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। देवस्नान पूर्णिमा के बाद परंपरा के अनुसार भगवान के अनसर काल (अस्वस्थ रहने की अवधि) की समाप्ति के बाद उनके नवयौवन स्वरूप के प्रथम दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
भगवान के दिव्य नेत्रों के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। मंदिर परिसर पूरे दिन भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमोद बहल ने बताया कि 16 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य एवं पारंपरिक रथयात्रा दोपहर 3 बजे श्री जगन्नाथ मंदिर, सेक्टर-121 से प्रारंभ होकर सेक्टर-71 स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर तक जाएगी।
उन्होंने बताया कि रथयात्रा में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलराम, माता सुभद्रा और सुदर्शन महाराज दिव्य रथ पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इस दौरान भक्तों को रथ खींचने और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर मिलेगा।
प्रमोद बहल ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रथयात्रा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का महापर्व है, जिसमें शामिल होकर भक्त भगवान का विशेष आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।