Thursday, July 09, 2026 10:33:06 PM

मंडी लाइसेंस फर्जीवाड़े का आरोप
सुल्तानपुर मंडी लाइसेंस में फर्जीवाड़े का आरोप, 85 वर्षीय महिला ने तीन लोगों के खिलाफ दी तहरीर

सुल्तानपुर में 85 वर्षीय महिला ने मंडी लाइसेंस में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए मंडी सचिव समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

सुल्तानपुर मंडी लाइसेंस में फर्जीवाड़े का आरोप 85 वर्षीय महिला ने तीन लोगों के खिलाफ दी तहरीर
मंडी लाइसेंस फर्जीवाड़े का आरोप |

सुल्तानपुर की कृषि उत्पादन मंडी समिति में लाइसेंस से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। खैराबाद निवासी 85 वर्षीय अमरुलनशा ने मंडी सचिव, एक लिपिक और एक व्यापारी पर फर्जी पार्टनरशिप डीड बनाकर उनके मंडी लाइसेंस में अवैध रूप से नाम जोड़ने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने 24 जून 2026 को नगर कोतवाली में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

पीड़िता के अनुसार, सब्जी मंडी की दुकान नंबर-13 "अब्दुल रशीद मो. दावद एंड कम्पनी" का लाइसेंस पहले उनके पति अब्दुल रशीद के नाम था। पति के निधन के बाद यह लाइसेंस उनके नाम स्थानांतरित हो गया और वह इसकी एकमात्र प्रोपराइटर थीं।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन मंडी सभापति विपिन कुमार द्विवेदी, मंडी सचिव रवीन्द्र वर्मा और व्यापारी मो. शफीक ने मिलकर 14 सितंबर 2021 को एक फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार की और लाइसेंस में मो. शफीक का नाम पार्टनर के रूप में जोड़ दिया।

अमरुलनशा का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी 18 जून 2026 को उस समय हुई, जब उच्च न्यायालय के 1 अप्रैल 2026 के आदेश के अनुपालन में उन्हें मंडी परिसर बुलाया गया।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि मंडी अधिनियम में प्रोपराइटरशिप लाइसेंस में पार्टनर जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद मंडी सचिव ने कथित तौर पर अपने हस्ताक्षर और मुहर लगाकर फर्जी पार्टनरशिप डीड को प्रमाणित कर दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टनरशिप डीड न तो पंजीकृत थी और न ही नोटरी से प्रमाणित थी। उनका कहना है कि लिपिक पंकज ने उन्हें शपथपत्र देने की सलाह दी और कहा कि इससे पार्टनरशिप डीड निरस्त हो जाएगी। वहीं, मंडी सचिव ने कथित रूप से उनसे कहा कि शपथपत्र में फर्जीवाड़े का उल्लेख न करें, जिससे मामला आसानी से निपट जाएगा। भरोसा कर उन्होंने वैसा ही शपथपत्र दे दिया।

पीड़िता ने मांग की है कि 14 सितंबर 2021 की कथित फर्जी पार्टनरशिप डीड को निरस्त किया जाए और मंडी सचिव रवीन्द्र वर्मा, मो. शफीक और लिपिक पंकज के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और कूटरचना की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

अमरुलनशा ने कहा कि उनके लाइसेंस नंबर एल/2022/234/24060353 के साथ गंभीर फर्जीवाड़ा किया गया है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।


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