नोएडा एयरपोर्ट के लिए नया सड़क मार्ग |
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू किया जा रहा है। नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से DND फ्लाईवे से यमुना एक्सप्रेसवे तक 8-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और नोएडा प्राधिकरण मिलकर विकसित करेंगे।
शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण और NHAI के अधिकारियों ने प्रस्तावित रूट का निरीक्षण और समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक, नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे DND फ्लाईवे से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के आई-IV के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द तैयार की जाएगी।
रूट में किया गया बदलाव
पहले इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत सेक्टर-94 स्थित ओखला बैराज से करने की योजना थी। अब संशोधित प्रस्ताव के तहत इसे सीधे DND फ्लाईवे से जोड़ने का फैसला लिया गया है। इस बदलाव के बाद परियोजना की लंबाई लगभग 31 किलोमीटर से बढ़कर करीब 36 किलोमीटर हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि अंतिम रूट तय करने से पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना विकास प्राधिकरण के साथ समन्वय किया जाएगा। पहले ओखला बर्ड सैंक्चुअरी और दलित प्रेरणा स्थल के कारण कई विकल्पों पर विचार किया गया था, लेकिन बाद में रूट में बदलाव किया गया।
इन सेक्टरों से होकर गुजरेगा कॉरिडोर
प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद बढ़ने वाले ट्रैफिक को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। यह कॉरिडोर सेक्टर-94, 95 और सेक्टर-125 से 135 तक के क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। इन इलाकों में बड़ी संख्या में कॉर्पोरेट ऑफिस, आवासीय परियोजनाएं और गांव मौजूद हैं।
यमुना पुश्ता रोड की भी होगी मरम्मत
बैठक के दौरान यमुना पुश्ता रोड की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। इस कार्य के लिए नोएडा प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग को 11 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। करीब 34 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को तीन महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।