किसानों की मांग मानी, यमुना टोल धरना टला |
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर किसानों को मिलने वाली टोल छूट अचानक बंद किए जाने के विरोध में किसान संगठनों ने शुक्रवार को जेवर टोल प्लाजा पर महापंचायत और बड़े धरने का ऐलान किया था। हालांकि, धरने से पहले हुई प्रशासन और किसानों की बैठक में टोल सुविधा जारी रखने का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
महापंचायत की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन ने यमुना एक्सप्रेसवे के मीटिंग हॉल में किसान संगठनों, यमुना प्राधिकरण और टोल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में ग्रेटर नोएडा जोन के डीसीपी, एडीसीपी संतोष कुमार, यमुना प्राधिकरण के एसीईओ आशीष, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें पहले की तरह टोल सुविधा मिलती रहेगी। इसके बाद किसान संगठनों ने 3 जुलाई को प्रस्तावित धरना और महापंचायत को स्थगित करने का फैसला लिया।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि किसानों को मिलने वाली टोल छूट किसी की मेहरबानी नहीं, बल्कि उनके लंबे संघर्ष और अधिकार का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन पर यमुना एक्सप्रेसवे बना है, उनसे टोल नहीं लिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसानों की टोल सुविधा या अन्य अधिकारों में किसी तरह की दखल दी गई तो सभी किसान संगठन मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि अधिकारियों ने टोल सुविधा जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया है। साथ ही इस मुद्दे पर किसान संगठनों, यमुना प्राधिकरण और टोल कंपनी के अधिकारियों के बीच 9 जुलाई को एक और बैठक आयोजित की जाएगी।