भारत में जल्द आएंगे प्लास्टिक के नोट |
भारत में जल्द ही प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोट चलन में आ सकते हैं। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शुरुआत में 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलीमर नोट बाजार में लाने की योजना है। इन नोटों में वही आधुनिक सुरक्षा फीचर होंगे, जो मौजूदा कागज के नोटों में इस्तेमाल किए जाते हैं। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो ये नोट अगले साल तक बाजार में आ सकते हैं।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पॉलीमर शीट की आपूर्ति के लिए निजी कंपनियों से भी प्रस्ताव मांगे हैं। शुरुआती चरण सफल रहने पर बाद में बड़े मूल्य के नोट भी चरणबद्ध तरीके से लाए जा सकते हैं।
इन पॉलीमर नोटों का डिजाइन, आकार और छपाई मौजूदा कागज के नोटों जैसी ही होगी। नकली नोटों पर रोक लगाने के लिए इनमें नई सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, आरबीआई अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इनके जारी होने की कोई तय तारीख नहीं है। लेकिन पॉलीमर नोट लाने का नीतिगत फैसला लिया जा चुका है और इसे लागू करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी।
ये नोट पतले और लचीले प्लास्टिक से बनाए जाएंगे। ये डेबिट या क्रेडिट कार्ड की तरह सख्त नहीं होंगे, बल्कि सामान्य नोटों की तरह आसानी से मोड़े जा सकेंगे।
यह पहली बार नहीं है जब भारत में पॉलीमर नोटों की योजना बनाई गई हो। साल 2012 में सरकार ने मैसूर, जयपुर, भुवनेश्वर और शिमला सहित कुछ शहरों में 10 रुपये के पॉलीमर नोटों के परीक्षण को मंजूरी दी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
पॉलीमर नोटों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ये जल्दी नहीं फटेंगे, गंदे नहीं होंगे और इनकी उम्र कागज के नोटों से ज्यादा होगी। साथ ही इनमें माइक्रो-ऑप्टिक होलोग्राम और विशेष सुरक्षा स्याही जैसी तकनीक होगी, जिससे नकली नोट बनाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे कई देशों में पॉलीमर नोट पहले से ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में नोटों की छपाई पर खर्च बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष 5,101.4 करोड़ रुपये था। इसी दौरान करीब 23.8 अरब पुराने और गंदे नोटों को चलन से हटाया गया। माना जा रहा है कि 10 और 20 रुपये के नोटों से इस नई व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी।