भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन! |
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उद्घाटन के साथ ही यह देश के रेल इतिहास में एक नई उपलब्धि बन गई है। अब 17 जुलाई से आम यात्री भी इस ट्रेन में नियमित सफर कर सकेंगे।
यह हाइड्रोजन ट्रेन जींद-सोनीपत रेलखंड पर संचालित होगी। वापसी में सोनीपत से जींद जाने वाले यात्री सामान्य पैसेंजर ट्रेन की तरह यात्रा कर सकेंगे। इस रूट पर अधिकतम किराया 25 रुपये निर्धारित किया गया है, जिससे आम यात्रियों को सस्ती और आधुनिक रेल सेवा का लाभ मिलेगा।
उद्घाटन यात्रा के दौरान ट्रेन की दो बोगियां रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और विशेष अतिथियों के लिए आरक्षित रहीं। वहीं शेष डिब्बों में पांच स्टेशनों- पांडु पिंडारा, गोहाना, लाठ, मोहाना और सोनीपत से 200-200 विद्यार्थियों सहित कुल 1,000 छात्रों ने इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनकर सफर किया।
ट्रेन का संचालन 74010 और 74009 सेवा संख्या के तहत किया जाएगा। नियमित संचालन के दौरान यह ट्रेन प्रतिदिन सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होकर 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में सुबह 10:30 बजे सोनीपत से चलकर दोपहर 1 बजे जींद पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन उपलब्ध रहेगी और ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
यह ट्रेन 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और कुल 14 स्टेशनों पर ठहरेगी। जींद जंक्शन से रवाना होने के बाद यह जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भंभेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना और बड़वासनी होते हुए सोनीपत जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में भी सभी स्टेशनों पर इसी क्रम में इसका ठहराव रहेगा।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सोनीपत पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र में अस्थायी रूप से ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ जींद-सोनीपत रूट के हजारों दैनिक यात्रियों को भी आधुनिक और किफायती रेल सेवा का लाभ मिलेगा।