Thursday, July 02, 2026 06:52:29 PM

इसरो बम धमकी फर्जी निकली जांच शुरू
इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी फर्जी निकली, पुलिस की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली

बेंगलुरु स्थित इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल फर्जी निकला। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने ईमेल भेजने वाले की पहचान और मामले की जांच शुरू कर दी है।

इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी फर्जी निकली पुलिस की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली
इसरो बम धमकी फर्जी निकली जांच शुरू |

बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद गुरुवार को सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। पुलिस, डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक एवं खोजी दस्ता (बीडीडीएस) मौके पर पहुंचा और पूरे परिसर में गहन तलाशी अभियान चलाया।

सुरक्षा के एहतियात के तौर पर भवन में मौजूद सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने इस धमकी को फर्जी घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, संजयनगर थाना इस ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटा है। मामले की जांच जारी है।

29 जून को भी सामने आया था फर्जी बम धमकी का मामला

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कई अहम संस्थानों और एक एयर इंडिया फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले फर्जी ईमेल मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। आरोपी गाजियाबाद का रहने वाला 36 वर्षीय व्यक्ति बताया गया है, जिसका 2008 से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है।

29 जून को भेजे गए इन ईमेल में एनआईए, इसरो, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, डीआरडीओ और नागरिक उड्डयन मंत्रालय सहित कई उच्च सुरक्षा संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। साथ ही न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट को भी धमकी दी गई थी।

धमकी मिलने के बाद सभी जगहों पर तुरंत सुरक्षा जांच की गई और सभी एजेंसियों को अलर्ट किया गया। जांच में सभी धमकियां फर्जी पाई गईं।

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने ईमेल के डिजिटल ट्रेल को ट्रैक किया और दो ईमेल खातों की जांच की। इन्हीं खातों से जुड़े एक मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस गाजियाबाद के संजयनगर इलाके तक पहुंची और संदिग्ध निशांत त्यागी को पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ओपन स्कूलिंग से पढ़ाई की है और 2010 में स्नातक में दाखिला लिया था, लेकिन वह कोर्स पूरा नहीं कर सका।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी 2008 से मानसिक बीमारी से पीड़ित है और उसका लंबे समय से इलाज चल रहा है। उसके परिवार ने भी इस बात की पुष्टि की है।

पुलिस ने बताया कि जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है और धमकी भरे ईमेल भेजने के पीछे के कारणों की जांच अभी जारी है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। 


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