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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच गुरुवार (2 जुलाई) को उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक होगी। इस दौरान दोनों नेता भारत-जापान संबंधों की समीक्षा करेंगे और आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के कई मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श होगा।
बैठक से पहले गुरुवार सुबह राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया।
तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं जापानी प्रधानमंत्री
साने ताकाइची बुधवार (1 जुलाई) की शाम नई दिल्ली पहुंचीं, जिसके साथ ही उनका तीन दिवसीय आधिकारिक भारत दौरा शुरू हो गया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनका स्वागत करते हुए लिखा कि जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का आधिकारिक भारत दौरे पर हार्दिक स्वागत है।
तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
भारत रवाना होने से पहले टोक्यो में मीडिया से बातचीत के दौरान साने ताकाइची ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत के साथ जापान का सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत में तीन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा-
- मौजूदा वैश्विक हालात में भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना।
- आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना।
- निवेश और नवाचार (इनोवेशन) के क्षेत्र में दोनों देशों के उद्योगों और कारोबार के बीच साझेदारी को मजबूत करना।
12.5 अरब डॉलर के निवेश की तैयारी
जापान की प्रधानमंत्री ने बताया कि इस दौरे के दौरान जापान-भारत संयुक्त आर्थिक मंच (Japan-India Joint Economic Forum) का आयोजन भी होगा, जिसमें 150 से अधिक जापानी कंपनियों और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और साझेदारी का दायरा और बढ़ेगा।
वहीं, ANI की रिपोर्ट के अनुसार, 16वें जापान-भारत वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान करीब 120 सहयोग समझौतों के माध्यम से तेजी से बढ़ते भारतीय बाजार में 12.5 अरब डॉलर के निवेश की तैयारी की जा रही है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी होगी चर्चा
साने ताकाइची ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत और जापान की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (AFOIP) की अवधारणा को जमीन पर उतारने के प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।