Saturday, July 11, 2026 08:10:55 PM

शादी के नाम पर साइबर ठगी
शादी का झांसा, AI से बनाई लड़कियों की तस्वीरें... झांसी में करोड़ों की साइबर ठगी का फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर बेनकाब

झांसी में पुलिस ने शादी कराने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है।

शादी का झांसा ai से बनाई लड़कियों की तस्वीरें झांसी में करोड़ों की साइबर ठगी का फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर बेनकाब
शादी के नाम पर साइबर ठगी |

उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने शादी कराने के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। राय कॉलोनी स्थित एक मकान में संचालित इस कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें दो पुरुष और नौ महिलाएं शामिल हैं।

पुलिस को सूचना मिली थी कि नवाबाद थाना क्षेत्र में "शादी संस्था डॉट कॉम" के नाम से अवैध कॉल सेंटर चलाकर लोगों को शादी का झांसा देकर ठगी की जा रही है। अपर नगर मजिस्ट्रेट से अनुमति मिलने के बाद साइबर सेल और थाना नवाबाद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ किया।

पुलिस के अनुसार, मुख्य संचालक हलधर साहू समेत चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं कॉलिंग का काम करने वाली सात युवतियों से पूछताछ के बाद उन्हें मुचलके पर छोड़ दिया गया।

ऐसे बिछाया जाता था ठगी का जाल

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और सोशल मीडिया से लोगों का डाटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर शादी कराने का भरोसा दिलाया जाता था। जब पीड़ित उनके झांसे में आ जाता, तो उससे प्रोफाइल बनाने, रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी फीस और अन्य शुल्क के नाम पर बैंक खातों और क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन पैसे जमा कराए जाते थे।

पुलिस ने बताया कि गिरोह खासतौर पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को निशाना बनाता था। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे एआई (AI) से तैयार युवतियों की तस्वीरें भेजकर लोगों का विश्वास जीतते थे। इतना ही नहीं, अश्लील बातचीत रिकॉर्ड कर बाद में ब्लैकमेल भी किया जाता था।

वेतन के साथ मिलता था कमीशन

जांच में पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को हर महीने तय वेतन दिया जाता था। इसके अलावा, जितने अधिक लोग ठगी का शिकार बनते थे, उसके आधार पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था।

41 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 9 एंड्रॉयड मोबाइल, 17 कीपैड मोबाइल, एक मैकबुक, 7 सीपीयू, प्रिंटर, बायोमैट्रिक मशीन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, रजिस्टर, फाइलें और ठगी की रकम से खरीदे गए आभूषण बरामद किए। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है।

इसके अलावा, पुलिस को विभिन्न बैंकों के 7 खातों में करीब 41 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। सभी बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों व मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने लोगों से अपील की है कि शादी के नाम पर ऑनलाइन पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या अपने नजदीकी पुलिस थाने को दें।


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