मेरठ छात्रा हत्याकांड पर प्रदर्शन |
मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र में बीए छात्रा की हत्या के मामले में बुधवार को कलक्ट्रेट के बाहर जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित परिवार और सैकड़ों समर्थक आरोपियों की गिरफ्तारी, मुकदमे में दुष्कर्म की धाराएं जोड़ने और पुलिस जांच में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर धरने पर बैठ गए।
करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी नहीं माने, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर सड़क खाली कराई। इस दौरान लाठीचार्ज किया गया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया और पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
प्रदर्शन के दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह बंदी वाहन के अंदर एआईएमआईएम नेता रवि गौतम को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार, रवि गौतम समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
टीपी नगर थाना क्षेत्र की बीए छात्रा 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन कॉलेज नहीं पहुंची। पुलिस के मुताबिक, रोहटा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव निवासी अंकुश छात्रा को अगवा कर उकसिया गांव के एक खेत में ले गया था। वहां शादी का दबाव बनाने पर छात्रा के इनकार करने पर आरोपी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अंकुश और साक्ष्य मिटाने के आरोप में खेत मालिक आदेश समेत एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी। वहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म भी हुआ था और उन्होंने अंकुश के भाई पीएसी सिपाही अंकित, उसकी मां समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
कलक्ट्रेट के बाहर सड़क पर बैठ गए प्रदर्शनकारी
बुधवार दोपहर करीब एक बजे पीड़ित परिवार और समर्थक चौधरी चरण सिंह पार्क में धरने के बाद जिलाधिकारी से मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कलक्ट्रेट के गेट बंद कर दिए, जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और जाम लगा दिया।
मौके पर पहुंचे एसपी देहात अभिजीत कुमार, एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव और सीओ विश्व ज्योति राय ने लोगों से जाम खत्म करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। उन्होंने एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रवि गौतम ने पुलिस से कहा कि चाहे लाठी चलाएं या जेल भेजें, वे धरने से नहीं हटेंगे। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। जाम के चलते पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा।
एसएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गई थी। सोशल मीडिया के जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि सड़क खाली कराने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें दो दरोगा समेत 11 पुलिसकर्मी घायल हुए। एक महिला दरोगा बेहोश हो गई।
एसएसपी के अनुसार, बिना अनुमति प्रदर्शन, सड़क जाम, सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों पर हमला और सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने के आरोप में 13 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने रवि गौतम समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए रवि गौतम के कुछ वीडियो मिले हैं, जिनमें वह कलक्ट्रेट में आत्मदाह करने की बात कह रहा है।