Monday, July 13, 2026 08:30:19 PM

केजीएमयू में डॉक्टरों को राजनाथ सिंह की सीख
'दवा के साथ व्यवहार में भी हो हीलिंग'- KGMU दीक्षांत समारोह में डॉक्टरों को राजनाथ सिंह की बड़ी सीख

केजीएमयू लखनऊ के दीक्षांत समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डॉक्टरों से कहा कि इलाज के साथ व्यवहार में भी संवेदनशीलता होनी चाहिए। मरीज की देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।

दवा के साथ व्यवहार में भी हो हीलिंग- kgmu दीक्षांत समारोह में डॉक्टरों को राजनाथ सिंह की बड़ी सीख
केजीएमयू में डॉक्टरों को राजनाथ सिंह की सीख |

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भावी डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि एक चिकित्सक की जिम्मेदारी केवल दवा देना नहीं, बल्कि अपने व्यवहार से भी मरीज को मानसिक संबल देना है।

उन्होंने कहा कि "आपके द्वारा दी गई दवा के साथ-साथ आपके व्यवहार में भी हीलिंग होनी चाहिए। कई बार मरीज डॉक्टर को देखकर घबरा जाते हैं, जिसे 'व्हाइट कोट सिंड्रोम' कहा जाता है। ऐसे में डॉक्टर का संवेदनशील व्यवहार मरीज का आधा इलाज बन सकता है।"

'पेशेंट केयर ही नहीं, केयरिंग फॉर पेशेंट भी जरूरी'

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने फ्रांसीसी दार्शनिक वाल्टेयर के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि "जीवन की रक्षा करना उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना जीवन की रचना करना।"

उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि उनकी चिकित्सा केवल 'Patient Care' तक सीमित न रहे, बल्कि उसमें 'Caring for Patient' की भावना भी झलकनी चाहिए।

KGMU ने देश को दिए कई दिग्गज डॉक्टर

रक्षामंत्री ने कहा कि KGMU ने देश को ऐसे चिकित्सक दिए हैं, जो स्वयं एक संस्थान की तरह हैं। उन्होंने डॉ. अवतार सिंह, डॉ. बलराम भार्गव और डॉ. नरेश त्रेहन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन डॉक्टरों ने सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की है।

रामचरितमानस और चिकित्सा सेवा का उदाहरण

राजनाथ सिंह ने रामचरितमानस का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि राजवैद्य सुषेण ने यह नहीं देखा कि लक्ष्मण किस पक्ष के हैं, बल्कि एक चिकित्सक के धर्म का पालन करते हुए उनका उपचार किया। उन्होंने कहा कि यही भावना हर डॉक्टर के भीतर होनी चाहिए।

'मरीज की बातें ध्यान से सुनिए'

उन्होंने प्रसिद्ध चिकित्सक सर विलियम हॉकिन्स का उल्लेख करते हुए कहा कि "मरीज की बातें ध्यान से सुनिए, क्योंकि उसके इलाज का रास्ता भी उसी में छिपा होता है।"

साथ ही उन्होंने डॉक्टरों से अपने पेशे में ध्यान (Meditation) और मानसिक एकाग्रता को भी अपनाने की अपील की।

ब्रजेश पाठक बोले- मरीज को भगवान मानकर करें इलाज

समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें KGMU की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि KGMU ने विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने ऐसी व्यवस्था लागू की है, जिसमें मरीज का पर्चा बनने से पहले उसका इलाज शुरू किया जाता है, ताकि किसी भी मरीज को उपचार में देरी का सामना न करना पड़े।

ब्रजेश पाठक ने डॉक्टरों से मरीज को भगवान का रूप मानकर पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ इलाज करने का आह्वान किया।


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