डायट दनकौर में प्रज्ञा प्रवाह प्रशिक्षण शुरू |
गौतम बुद्ध नगर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दनकौर में माध्यमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय ‘प्रज्ञा प्रवाह’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय बैच का शुभारंभ किया गया।
प्रशिक्षण के पहले दिन शिक्षकों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए मानवीय और संवैधानिक मूल्यों की अवधारणा तथा विद्यालयी जीवन में उनकी उपयोगिता को समझा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी, समानता, सहयोग, सम्मान और लोकतांत्रिक सोच विकसित करने में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
प्रशिक्षण में मानवीय मूल्य, संवैधानिक मूल्य, मौलिक कर्तव्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत मूल्य आधारित शिक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह चर्चा और सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को इन मूल्यों को कक्षा और विद्यालय के वातावरण में लागू करने के तरीके बताए गए।
प्रथम दिवस के विभिन्न सत्रों में संदर्भदाता के रूप में भूपेंद्र सिंह, डॉ. रेनू राय, टी.एस. भोला कुमार और संदीप कुमार मौजूद रहे। उन्होंने शिक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया, ताकि शिक्षक प्रशिक्षण में मिली सीख को अपने विद्यालयों में प्रभावी तरीके से लागू कर सकें।
इस दौरान शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे अपने विद्यालयों में बच्चों के बीच मानवीयता, समानता, सहयोग, सहिष्णुता, सम्मान, न्याय, बंधुता और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास करेंगे और अपने व्यवहार से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।
डायट की प्राचार्या श्रीमती अर्चना गुप्ता ने शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि मानवीय और संवैधानिक मूल्यों की शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे स्वयं इन मूल्यों को अपनाकर विद्यालय में ऐसा वातावरण तैयार करें, जहां हर बच्चे को समान अवसर, सम्मान और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता मिले।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में डायट नोडल राजेश खन्ना सहित डायट की पूरी टीम सहयोग कर रही है।