Friday, June 12, 2026 08:27:14 PM

दिग्गज शूटर जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन
भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, 49 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज कोच और पूर्व एशियन गेम्स पदक विजेता जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके जाने से भारतीय शूटिंग और खेल जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन 49 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
दिग्गज शूटर जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन |

भारतीय निशानेबाजी जगत के दिग्गज खिलाड़ी, कोच और पूर्व एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट जसपाल राणा का निधन हो गया है। वे 49 वर्ष के थे। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जसपाल राणा ने गुरुवार रात दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से लौट रहे थे। एक जून की रात वापसी के दौरान फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें मेडिकल सहायता दी गई। दिल्ली पहुंचने पर उन्हें मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद उनके हृदय में स्टेंट डाला गया था। हालांकि, बाद में उनकी तबीयत फिर से खराब हो गई और अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

मनु भाकर के कोच थे जसपाल राणा

जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी टीम के प्रमुख कोचों में शामिल थे। वे पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रहे थे। इसके अलावा वे जूनियर टीम के कोच और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। फरवरी 2025 में उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए भारत का हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया था।

उत्तराखंड से शुरू हुआ विश्व स्तर तक पहुंचने का सफर

जसपाल राणा का जन्म उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुआ था। उन्होंने महज 18 वर्ष की उम्र में 1994 के हिरोशिमा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। इसी वर्ष इटली के मिलान में आयोजित विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में जूनियर विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार उपलब्धियां

खिलाड़ी के रूप में जसपाल राणा का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा। उन्होंने एशियन गेम्स में कुल आठ पदक जीते, जिनमें चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनका प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। उन्होंने 1994 से 2006 के बीच चार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया और कुल 15 पदक अपने नाम किए। इनमें नौ स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल थे। इसी उपलब्धि के चलते उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत के सबसे सफल एथलीटों में गिना जाता है।

दोहा एशियाई खेलों में किया था यादगार प्रदर्शन

साल 2006 के दोहा एशियाई खेल उनके करियर के सबसे सफल अभियानों में से एक रहे। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारत के लिए तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था। इसी दौरान 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में 590 अंक हासिल कर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की थी।

अभिनव बिंद्रा ने जताया शोक

बीजिंग ओलंपिक 2008 में भारत को निशानेबाजी का पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने वाले Abhinav Bindra ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जसपाल राणा उनके टीममेट रहे हैं और भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली पीढ़ी के महत्वपूर्ण सदस्य थे। बिंद्रा ने कहा कि वे बेहद प्रतिभाशाली और जुनूनी खिलाड़ी थे, जो हर बार रेंज पर उतरते समय देश का गौरव अपने साथ लेकर चलते थे। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत और विशेष रूप से निशानेबाजी के लिए बड़ी क्षति है। साथ ही उन्होंने उनके परिवार, दोस्तों, शिष्यों और उन सभी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिनके जीवन को जसपाल राणा ने प्रेरित किया।


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