प्राधिकरण द्वारा जारी बयान | पाठकराज
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नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 22 अगस्त 2025 को पारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन में अब पूरे नोएडा क्षेत्र में आवारा कुत्तों का टीकाकरण, कृमिनाशन और डिजिटल रिकॉर्डिंग (फोटो एवं लोकेशन सहित) अनिवार्य रूप से की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्यों?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने हाल के दिनों में देशभर से सामने आए आवारा कुत्तों के हमलों और संक्रमण फैलने की घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लिया था। अदालत ने सभी नगर निकायों सहित दिल्ली एनसीआर और सभी प्राधिकरणों को निर्देश दिए हैं कि वे वैक्सिनेशन, स्टरलाइजेशन और रिकॉर्ड मैनेजमेंट की ठोस व्यवस्था करें, जिससे न केवल नागरिकों की सुरक्षा हो बल्कि पशु कल्याण भी सुनिश्चित हो।
सेक्टर-135 में संचालित होगा एनिमल शेल्टर
नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि इस कार्य के लिए जन स्वास्थ्य खंड-द्वितीय के अंतर्गत नियुक्त संस्था M/s House of Stray Animal जिम्मेदार होगी। संस्था सेक्टर-135 में एक Animal Shelter संचालित कर रही है, जहां से पूरे क्षेत्र में अभियान की निगरानी और संचालन होगा।
तय शेड्यूल और रोस्टर के अनुसार काम
एमओयू की शर्तों के मुताबिक संस्था द्वारा खंड-द्वितीय के सभी सेक्टरों और ग्रामों में रोस्टर के अनुसार अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक आवारा कुत्ते का टीकाकरण और कृमिनाशन करने के साथ उसकी फोटो और लोकेशन का रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे भविष्य में डाटा को ट्रैक किया जा सके।
दोहरा फायदा: जन स्वास्थ्य और पशु कल्याण
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर नहीं चलाया जा रहा, बल्कि इससे पशुओं के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा भी होगी। नियमित टीकाकरण से रेबीज और अन्य संक्रमणजन्य बीमारियों पर रोक लग सकेगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
प्राधिकरण ने नोएडा के नागरिकों से अपील की है कि जब भी उनके क्षेत्र में यह अभियान चलाया जाए तो वे सहयोग करें, ताकि सभी आवारा कुत्तों को समय पर टीकाकरण और कृमिनाशन मिल सके।