नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बने पुराने आवासों को तोड़ने का निर्णय लिया है। करीब 35-40 साल पहले बनाए गए ये भवन अब जर्जर हो चुके हैं और इन पर रहना खतरे से खाली नहीं है। आईआईटी रुड़की की सर्वे रिपोर्ट में इन इमारतों को खतरनाक बताया गया है और भूकंप की स्थिति में इनके ढहने की आशंका जताई गई है।
सेक्टर-25, 27 और 37 में नोटिस जारी
प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन (सेक्टर-6) से जारी नोटिस में कहा गया है कि सेक्टर-25, सेक्टर-27 और सेक्टर-37 में बने स्टाफ भवनों की हालत बेहद खराब है। इन बहुमंजिला इमारतों के पैरापेट वॉल, छज्जे और छत के हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई बार टूटे हिस्से गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। वर्क सर्किल-02 की रिपोर्ट के आधार पर आईआईटी रुड़की ने जांच की, जिसमें साफ कहा गया कि ये भवन भूकंप या अन्य आपदा में ढह सकते हैं।
कितने आवास होंगे प्रभावित?
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सेक्टर-27: 178 स्टाफ आवास
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सेक्टर-25: 100 स्टाफ आवास
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सेक्टर-37: 128 स्टाफ आवास
इसके अलावा, सेक्टर-19 और 20 में स्थित प्राधिकरण के कार्यालय भी खाली कराए जा रहे हैं, जिन्हें अन्य जगह शिफ्ट किया जाएगा।
सीईओ के निर्देश पर कार्रवाई
जीएम एसपी सिंह ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद नोटिस जारी किए जा रहे हैं। आवंटित भवनों को तुरंत खाली करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी स्वयं की होगी। खाली कराने के बाद इन भवनों को ध्वस्त कर नए निर्माण की योजना है। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के निर्देश पर की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि नोएडा में मकानों का किराया महंगा होने से कर्मचारी चिंतित हैं, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। प्राधिकरण कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक आवास व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है।
नोटिस चस्पा करने के आदेश
सहायक महाप्रबंधक (स्टाफ भवन) को नोटिस की प्रतियां चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वरिष्ठ प्रबंधक वर्क सर्किल-02 को भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।