Friday, July 03, 2026 07:23:29 PM

पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल नहीं होंगी कम
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल राहत नहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने बताई वजह

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ऑयल कंपनियों के घाटे और महंगे स्टॉक के कारण फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती संभव नहीं है। सरकार ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल राहत नहीं केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने बताई वजह
पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल नहीं होंगी कम |

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खुलने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम हो सकती हैं। हालांकि, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ईंधन की कीमतें घटाने की कोई ठोस वजह नहीं है।

हरदीप पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की कीमत में केवल 5.58 प्रतिशत और डीजल की कीमत में 6.23 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी हुई है।

क्यों नहीं घटेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) अभी भी करीब 2.18 लाख करोड़ रुपये की संचयी अंडर-रिकवरी (घाटे) की भरपाई कर रही हैं। इसके अलावा कंपनियों के पास अब भी ऐसा ईंधन मौजूद है, जिसे उस समय खरीदा गया था, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी अधिक थीं।

उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करना व्यावहारिक नहीं है। इसलिए फिलहाल कीमतें कम करने का सवाल नहीं उठता।

सप्लाई पर नहीं पड़ा कोई असर

हरदीप पुरी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव के दौरान भी भारत में कहीं भी पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई। उन्होंने बताया कि देशभर के करीब 1.07 लाख पेट्रोल पंप पूरे संकट के दौरान सामान्य रूप से चलते रहे और किसी भी जगह ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति नहीं बनी।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव का अधिकांश असर खुद वहन किया, ताकि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने पर सरकार का फोकस

हरदीप पुरी ने कहा कि सरकार देश के ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारत की रिफाइनिंग क्षमता 309.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए कई मौजूदा रिफाइनरियों का विस्तार किया जा रहा है और नई ग्रीनफील्ड रिफाइनरियां भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इनमें से कई परियोजनाएं अगले दो वर्षों में पूरी हो जाएंगी, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और रिफाइनिंग क्षमता दोनों और मजबूत होंगी।


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