नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चर्चित सोसायटी सुपरटेक ईकोविलेज-2 में प्रदूषण फैलाने वाले जनरेटर को न हटाने के मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सुपरटेक बिल्डर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने नया कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है और जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
एक जनरेटर हटाया गया, दूसरा अब भी लगा है
सोसायटी में दो बड़े जनरेटर लगे हुए थे जिनकी चिमनियां तय मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इससे निकलने वाला धुआं पास की पंचशील ग्रीन्स-1 सोसायटी में पहुंच रहा था, जिससे निवासियों को सांस लेने में कठिनाई और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही थीं।
शिकायत के बाद यूपीपीसीबी ने पहले भी नोटिस जारी किया था। इसके बाद 12 अगस्त को एक जनरेटर हटाया गया, लेकिन दूसरा अभी तक नहीं हटाया गया है। इसी कारण बोर्ड ने सख्त कदम उठाते हुए नया नोटिस जारी किया है।
40 लाख से अधिक का जुर्माना पहले ही लग चुका
बोर्ड पहले ही सुपरटेक बिल्डर पर 40 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगा चुका है। इसके बावजूद प्रदूषण संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। अब क्षेत्रीय अधिकारी ने दोबारा नोटिस जारी करते हुए रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है, जिससे आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना है।
निवासियों को मिली आंशिक राहत
पंचशील ग्रीन्स-1 के निवासियों ने कहा कि लंबे समय से वे धुएं और प्रदूषण की समस्या से परेशान थे। एक जनरेटर हटने से उन्हें आंशिक राहत मिली है, लेकिन दूसरा हटने तक समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। निवासियों को उम्मीद है कि अब प्रशासन जल्द ही कड़ा कदम उठाएगा।