जर्जर इमारतों में रहना जानलेवा, निवासियों से तुरंत खाली करने की अपील | पाठकराज
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नोएडा। प्राधिकरण ने सेक्टर-31 स्थित जनता और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) फ्लैट्स की खतरनाक स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इन इमारतों में रहना अब जानलेवा साबित हो सकता है।
24 अगस्त की घटना ने खोली इमारतों की पोल
24 अगस्त को एक फ्लैट की छत भरभरा कर गिर पड़ी। हादसे के समय परिवार कमरे में मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। निरीक्षण में सामने आया कि छत पर तीन वाटर टैंक रखे गए थे। लंबे समय से रखरखाव न होने और पानी जमने से छत की रेनफोर्समेंट कमजोर पड़ गई थी।
निवासियों का आरोप – किराया और चार्ज, पर सुविधा शून्य
फ्लैट में किराए पर रह रहे निवासियों ने बताया कि वह हर महीने 9,500 रुपये किराया और मेंटेनेंस चार्ज देते हैं, लेकिन सुविधाएं नगण्य हैं। उन्होंने कहा, "सोसाइटी में पैच गिरना आम बात है। हादसे से एक दिन पहले ही छत का हिस्सा गिरा था। सौभाग्य से हादसे के समय परिवार कमरे में नहीं था।"
128 फ्लैट्स को घोषित किया गया खतरनाक
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सेक्टर-31 में कुल 128 फ्लैट्स हैं, जिनकी स्थिति अत्यंत जर्जर है। वर्षों से अनुरक्षण न होने और अनुमन्य नक्शे के विपरीत अतिरिक्त निर्माण ने मूल संरचना को कमजोर कर दिया। प्राधिकरण ने इन इमारतों को ‘खतरे के निशान’ वाली श्रेणी में रखते हुए निवासियों को तुरंत बाहर निकलने की सलाह दी है।