सांकेतिक तस्वीर | पाठकराज
पाठकराज
नोएडा। साइबर ठगों ने शहर में डिजिटल अरेस्ट का चौंकाने वाला मामला अंजाम दिया। सेक्टर-41 में अकेली रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला सरला देवी को ठगों ने 23 दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा और उनसे 44 लाख रुपये ठग लिए।
कैसे हुआ वारदात का सिलसिला?
18 जुलाई को सरला देवी को खुद को एयरटेल कर्मी बताने वाली महिला नेहा का फोन आया। उसने कहा कि उनके नाम पर मुंबई के बायकुला में किसी दुकान में मोबाइल नंबर सक्रिय है, जिसका उपयोग सट्टेबाजी और ब्लैकमेलिंग में हो रहा है। इसके बाद एक अन्य कॉल मुंबई क्राइम ब्रांच के एसीपी संजय सिंह के नाम से आया। कॉलर ने दावा किया कि उनके खिलाफ वारंट जारी हो चुका है और उनके चार बैंक खातों का उपयोग हवाला, ड्रग तस्करी और आतंकवादियों को फंडिंग में हुआ है।
डर का माहौल बनाकर ठगे 44 लाख
ठगों ने भरोसा दिलाया कि अगर सरला देवी अपनी जमा पूंजी "जांच" के लिए ट्रांसफर करेंगी तो रकम वापस कर दी जाएगी। इस झांसे में आकर उन्होंने 20 जुलाई से 13 अगस्त के बीच आठ बार में 44 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
मानसिक बंधक बनी रही महिला
पूरे 23 दिनों तक महिला को मोबाइल कॉल पर निगरानी में रखा गया और सिर्फ दो बार ही घर से बाहर जाने की अनुमति मिली। किसी से संपर्क करने की इजाजत नहीं दी गई।
पुलिस जांच में जुटी
पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच टीम ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है और उन बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है जिनमें रकम ट्रांसफर की गई थी।