सांकेतिक तस्वीर | पाठकराज
पाठकराज
नोएडा। नोएडा में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर ऊर्जा मंत्रालय के एक रिटायर्ड डिप्टी मैनेजर से 2.28 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने जब मुनाफे का हिस्सा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने नई चाल चलकर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया। मामला साइबर थाने में दर्ज किया गया है, पुलिस तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
ऐसे रची गई साजिश
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें कुछ दिन पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में रोजाना शेयर बाजार से जुड़े संदेश, लाभ के स्क्रीनशॉट और सफलता की कहानियाँ साझा की जाती थीं। ग्रुप के एडमिन ने पीड़ित को एक विशेष मोबाइल ऐप डाउनलोड करने को कहा और आश्वासन दिया कि यहां निवेश करने पर हर महीने 15 से 20 प्रतिशत तक का मुनाफा मिलेगा। विश्वास में आने के बाद पीड़ित ने शुरुआत में छोटे अमाउंट से निवेश किया। कुछ रकम वापस मिलने पर भरोसा और गहरा हुआ। धीरे-धीरे पीड़ित ने 13 बार में कुल 2 करोड़ 28 लाख रुपये तक निवेश कर डाले।
मुनाफा निकालने पर नया जाल
जब रिटायर्ड अधिकारी ने निवेश का कुछ हिस्सा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने उन्हें झांसा दिया कि 10% अतिरिक्त राशि जमा किए बिना रकम ट्रांसफर नहीं हो सकती। इसी बीच ऐप अचानक काम करना बंद हो गया और सभी संपर्क टूट गए। पीड़ित ने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला गंभीर है और तकनीकी टीम मोबाइल ऐप, बैंक ट्रांजैक्शन और व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े सुराग खंगाल रही है। जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया जा रहा है।
बढ़ते साइबर फ्रॉड पर चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला बताता है कि कैसे शेयर बाजार में त्वरित मुनाफे का लालच देकर ठग आम और शिक्षित दोनों वर्गों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान ऐप या व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए किए गए निवेश के झांसे में न आएं।