सांकेतिक तस्वीर | पाठकराज
पाठकराज
नोएडा। साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस को नई चुनौती दे दी है। सूरजपुर थाना क्षेत्र से सामने आए ताजा मामले में एक युवक को फेसबुक पर किए गए एक साधारण कमेंट के एवज में आईफोन गिफ्ट देने का झांसा देकर 1.48 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
घटना की शुरुआत – एक साधारण मैसेज से
पीड़ित दिनेश कुमार, जो कस्बा सूरजपुर के निवासी हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यह घटना 17 जून से 20 जून के बीच हुई। फेसबुक पर उन्हें एक मैसेज प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि उनका किया हुआ एक कमेंट "सेलेक्ट" हुआ है और इसके बदले उन्हें आईफोन गिफ्ट दिया जाएगा। आकर्षक गिफ्ट का लालच देखकर दिनेश ने संपर्क जारी रखा। इसके बाद आरोपी उन्हें व्हाट्सएप पर ले गए, जहां ठगी का असली खेल शुरू हुआ।
ठगों ने किस तरह फंसाया?
व्हाट्सएप पर संपर्क करने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। कभी प्रोसेसिंग फीस, कभी टैक्स, तो कभी डिलीवरी चार्ज के नाम पर। हर बार आश्वासन दिया गया कि पैसे देने के बाद आईफोन डिलीवर कर दिया जाएगा। धीरे-धीरे ठगों ने कुल 1.48 लाख रुपये वसूल लिए। दिनेश कुमार का कहना है कि उन्होंने गिफ्ट मिलने की उम्मीद में किस्तों में रकम भेजी, लेकिन आखिर में जब गिफ्ट नहीं आया और आरोपी संपर्क से गायब हो गए, तब जाकर उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
थाना सूरजपुर के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस साइबर सेल के माध्यम से आरोपियों की पहचान करने और उनके बैंक खातों की जानकारी जुटाने में लगी है। साथ ही लोगों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें। गिफ्ट, इनाम या लॉटरी के नाम पर मांगे गए पैसों का भुगतान न करें। साइबर ठगी के शिकार होने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
साइबर अपराध क्यों बढ़ रहे हैं?
नोएडा में तेजी से बढ़ते आईटी पार्क, मल्टीनेशनल कंपनियां और हाई-टेक जीवनशैली के कारण यहां साइबर क्राइम के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोशल मीडिया पर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। यूजर्स सुरक्षा उपायों को लेकर सजग नहीं रहते। गिफ्ट और इनाम जैसे लालच में फंसना आम बात हो गई है।
अधिकारियों की चेतावनी
नोएडा पुलिस की ओर से समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी पुरस्कार या गिफ्ट के नाम पर मांगी गई रकम के झांसे में न आएं।
अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या डेबिट/क्रेडिट कार्ड डिटेल किसी को न दें। संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत पुलिस को दें।