Tuesday, March 10, 2026 01:27:58 PM

नोएडा के सेक्टर 63 का मामला
रेप केस में उम्रकैद की सजा, पीड़िता के झूठे बयान पर भी अदालत सख्त

नोएडा में पॉक्सो एक्ट के तहत शैलेश कुमार को दुष्कर्म के अपराध में उम्रकैद की सजा दी गई, फॉरेंसिक साक्ष्य निर्णायक थे।

रेप केस में उम्रकैद की सजा पीड़िता के झूठे बयान पर भी अदालत सख्त
सूरजपुर कोर्ट | पाठकराज
पाठकराज

नोएडा। पॉक्सो एक्ट के तहत एक अहम फैसले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-2 ने रेप के दोषी शैलेश कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 65,000 का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।


 

झूठी गवाही पर कार्रवाई

इस केस की खासियत यह रही कि अदालत ने पीड़िता के बयान बदलने पर भी कड़ा रुख अपनाया। न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत उसके खिलाफ संज्ञान लिया, क्योंकि सुनवाई के दौरान गवाही बदलने का प्रयास न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल सकता था।


 

मार्च 2022 की घटना

घटना 23 मार्च 2022 की है। सेक्टर-63 का रहनेवाला  आरोपी शैलेश कुमार ने 16 वर्षीय किशोरी और उसकी बहन को कमरे में बुलाकर कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिलाया गया था। बहन को नींद आने पर घर भेज दिया गया, जबकि किशोरी को बेहोशी की हालत में दुष्कर्म का शिकार बनाया गया।


 

साक्ष्यों ने दिलाई सजा

  • मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट निर्णायक साबित हुई।

  • पीड़िता के कपड़ों पर मिले पुरुष डीएनए ने आरोपी की संलिप्तता को सिद्ध कर दिया।


 

परिजनों का बदला रुख, लेकिन सजा बरकरार

सुनवाई के दौरान पीड़िता के माता-पिता ने बयान बदलते हुए कहा कि शिकायत पड़ोसियों के दबाव में दर्ज कराई गई थी। लेकिन अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।


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