नोएडा। पॉक्सो एक्ट के तहत एक अहम फैसले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-2 ने रेप के दोषी शैलेश कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 65,000 का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
झूठी गवाही पर कार्रवाई
इस केस की खासियत यह रही कि अदालत ने पीड़िता के बयान बदलने पर भी कड़ा रुख अपनाया। न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत उसके खिलाफ संज्ञान लिया, क्योंकि सुनवाई के दौरान गवाही बदलने का प्रयास न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल सकता था।
मार्च 2022 की घटना
घटना 23 मार्च 2022 की है। सेक्टर-63 का रहनेवाला आरोपी शैलेश कुमार ने 16 वर्षीय किशोरी और उसकी बहन को कमरे में बुलाकर कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिलाया गया था। बहन को नींद आने पर घर भेज दिया गया, जबकि किशोरी को बेहोशी की हालत में दुष्कर्म का शिकार बनाया गया।
साक्ष्यों ने दिलाई सजा
परिजनों का बदला रुख, लेकिन सजा बरकरार
सुनवाई के दौरान पीड़िता के माता-पिता ने बयान बदलते हुए कहा कि शिकायत पड़ोसियों के दबाव में दर्ज कराई गई थी। लेकिन अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।