मयंक साहू हत्याकांड में दो इनामी आरोपी गिरफ्तार |
मोतीनगर थाना क्षेत्र के चर्चित मयंक साहू हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने लंबे समय तक चले अंतरराज्यीय सर्च ऑपरेशन के बाद 10-10 हजार रुपये के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मामले का मुख्य आरोपी यश सोनी और उसका साथी मनु सोनी शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी ओम अहिरवार अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 21 मई 2026 की रात विवेकानंद वार्ड के मछरयाई स्थित गोंड बब्बा चबूतरा के पास पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान आरोपियों ने ओम साहू और उसके भाई मयंक साहू के साथ गाली-गलौज की और उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से मयंक साहू गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, ओम साहू पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने हत्या, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था।
घटना के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे और पुलिस से बचने की कोशिश करते रहे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गुजरात, दिल्ली, आंध्र प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के इंदौर, कटनी और पीथमपुर जैसे शहरों में छिपते रहे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सागर पुलिस अधीक्षक ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस की विशेष टीमों ने विभिन्न राज्यों में आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी दौरान 19 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जमानत के लिए पैसों का इंतजाम करने और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना के तहत सागर लौट रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने बम्हौरी रेंगुवा रेलवे आउटर क्षेत्र में घेराबंदी की। यहां से भागने की कोशिश कर रहे मनु सोनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मनु सोनी के खिलाफ हत्या, लूट और जानलेवा हमले समेत करीब 25 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के समय उसके पास से 20 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स भी बरामद की गई। इसके बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक अलग मामला भी दर्ज किया गया।
वहीं, मुख्य आरोपी यश सोनी को पुलिस की दूसरी टीम ने उत्तर प्रदेश के ललितपुर से गिरफ्तार किया। उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा भी बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, यश सोनी के खिलाफ पहले से आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि एक नाबालिग ने सोशल मीडिया पर आरोपियों के नाम का इस्तेमाल कर एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी वाला संदेश वायरल कर दिया था। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि नाबालिग का आरोपियों से कोई सीधा संबंध नहीं था। उसने सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से ऐसा किया था।
पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी ओम अहिरवार की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और उसकी तलाश जारी है।