Sunday, March 15, 2026 01:28:12 PM

प्रेसीडियम स्कूल में छात्रा की रहस्यमयी मौत
मां ने सोशल मीडिया पर लगाई न्याय की गुहार, कहा – मेरी बेटी वापस नहीं आ सकती, लेकिन सच सामने आना चाहिए

नोएडा के प्रेसीडियम स्कूल में छात्रा तनिष्का शर्मा की मौत के कारण अज्ञात हैं, परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

नोएडा। सेक्टर-31 स्थित प्रेसीडियम स्कूल में शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के कार्यक्रम के दौरान छठी कक्षा की छात्रा तनिष्का शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना को 19 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि छात्रा की मौत किन हालातों में हुई। परिवार लगातार स्कूल प्रशासन से जवाब मांग रहा है, लेकिन उन्हें हर बार अलग-अलग कहानी सुनने को मिल रही है।

 

अलग-अलग दावे, बढ़ी परिजनों की बेचैनी

तनिष्का के चाचा वैभव शर्मा के मुताबिक, कुछ शिक्षकों ने बताया कि बच्ची कैंटीन में खाना खाते समय बेहोश हुई। कुछ ने कहा कि वह मंच पर जाते वक्त सीढ़ियों पर गिरी। वहीं, बच्चों के एक समूह ने बताया कि छात्रा लुकाछुपी खेलते समय दूसरी मंजिल पर बेहोश हुई थी। इतने विरोधाभासी बयान सामने आने के बाद परिवार ने थाना सेक्टर-20 में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन, अब तक की जांच में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका है।

 

अस्पताल में मृत अवस्था में पहुंची थी बच्ची

परिवार को सुबह 11:30 बजे स्कूल से फोन आया कि तनिष्का बेहोश हो गई है और उसे कैलाश हॉस्पिटल ले जाया गया है। वहां डॉक्टरों ने बताया कि जब छात्रा को लाया गया, उस समय ही उसकी पल्स रुकी हुई थी। काफी प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

 

मां का दर्द और न्याय की गुहार

तनिष्का की मां तृप्ता शर्मा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग की। वीडियो में वह कहती हैं— "मेरी फूल जैसी बेटी को मैंने नाजों से पाला था। 4 सितंबर की सुबह मैंने खुद उसे स्कूल छोड़ा था। कुछ घंटे बाद मुझे फोन आया कि वह बेहोश हो गई है। जब अस्पताल पहुंची तो पता चला कि मेरी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। मैंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन मुझे अब तक सच नहीं बताया गया। मेरी बेटी वापस नहीं आ सकती, मैं सिर्फ सच जानना चाहती हूं और न्याय चाहती हूं।"

 

जांच पर उठ रहे सवाल

परिवार का कहना है कि 19 दिन बीतने के बावजूद प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई ठोस जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। स्कूल प्रबंधन की चुप्पी और विरोधाभासी बयान परिजनों की पीड़ा और बढ़ा रहे हैं।


सम्बन्धित सामग्री




हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें!

विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें