वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका ए मैच विवाद |
दांबुला में सोमवार को खेले गए ट्राई सीरीज के मुकाबले में इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच मुकाबला सिर्फ रोमांचक ही नहीं बल्कि विवादों से भी भरपूर रहा। मैच का अंत सुपर ओवर में हुआ, जहां श्रीलंका-ए ने भारत को हराकर फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। हालांकि मुकाबले के बाद खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ी में हुई बहस
मैच खत्म होने के बाद भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलाम्बगे के बीच विवाद हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, हलाम्बगे ने वैभव से कहा, "मैच खत्म हो गया, अब तुम घर जाओ।"
यह बात वैभव को पसंद नहीं आई और दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हो गई। स्थिति को संभालने के लिए अंपायरों और अन्य खिलाड़ियों को बीच में आना पड़ा।
ICC भी ले सकता है मामले का संज्ञान
आमतौर पर 'ए' टीमों के मुकाबलों में ऐसे मामलों पर ICC हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन इस घटना को लेकर चर्चा है कि इस बार मामला ICC के संज्ञान में जा सकता है।
बताया गया है कि मैच के बाद श्रीलंका-ए के ड्रेसिंग रूम में भी इस घटना पर चर्चा हुई। कुछ लोगों का मानना था कि भारतीय टीम से माफी मांगी जानी चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि कम रोशनी के बावजूद सुपर ओवर कराया गया था।
सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर भी हुआ विवाद
मैच के दौरान सुपर ओवर की अंतिम गेंद को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। आखिरी गेंद फेंके जाने के बाद वैभव सूर्यवंशी तुरंत डगआउट की ओर दौड़े और बल्लेबाजी के लिए पैड पहन लिए।
लेकिन तभी अंपायरों ने उस गेंद को नो-बॉल करार दे दिया। इस फैसले से भारतीय कप्तान तिलक वर्मा नाराज हो गए और उन्होंने अंपायरों से बहस भी की। इसके बाद वैभव को दोबारा मैदान पर लौटना पड़ा और सुपर ओवर की अंतिम गेंद फिर से कराई गई।
कम रोशनी के बीच हुआ सुपर ओवर
वनडे क्रिकेट में आमतौर पर सुपर ओवर नहीं खेला जाता, लेकिन इस ट्राई सीरीज के लिए शामिल तीनों क्रिकेट बोर्डों ने पहले ही तय किया था कि मैच टाई होने पर सुपर ओवर कराया जाएगा।
मैच टाई होने के बाद अंपायर दोनों टीमों को एक-एक अंक देकर मुकाबला समाप्त करना चाहते थे, क्योंकि मैदान पर रोशनी कम हो चुकी थी और फ्लडलाइट का उपयोग भी संभव नहीं था।
हालांकि भारतीय कप्तान तिलक वर्मा परिणाम से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने सुपर ओवर कराने की मांग की और करीब 15 मिनट तक अंपायरों के साथ चर्चा चलती रही। आखिरकार सुपर ओवर कराने का फैसला लिया गया।
सुपर ओवर में भारत को मिली हार
सुपर ओवर में भारत की ओर से अरशद खान गेंदबाजी करने आए, लेकिन उनका ओवर महंगा साबित हुआ। उन्होंने एक वाइड और एक नो-बॉल समेत कुल 16 रन खर्च किए।
इसके जवाब में भारत को जीत के लिए 17 रन की जरूरत थी। दिलचस्प बात यह रही कि वैभव सूर्यवंशी ने सुपर ओवर की पहली गेंद का सामना नहीं किया।
श्रीलंका-ए के स्लिंग एक्शन वाले तेज गेंदबाज कुगाथास मथुलन ने दबाव में शानदार गेंदबाजी की और भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत की टीम सुपर ओवर में सिर्फ 9 रन ही बना सकी।
इसके साथ ही श्रीलंका-ए ने यादगार जीत दर्ज कर ली और मुकाबले के साथ-साथ फाइनल की दौड़ में भी बड़ा फायदा हासिल किया।
यह मैच अपने रोमांचक अंत, सुपर ओवर विवाद और खिलाड़ियों के बीच हुई तनातनी के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा।