Friday, June 19, 2026 10:13:46 PM

ब्रूनो पर भड़के फैंस, रोनाल्डो को नहीं मिले मौके
पुर्तगाल के ड्रॉ के बाद ब्रूनो फर्नांडीस पर भड़के फैंस, रोनाल्डो को मौके न मिलने पर उठे सवाल

डीआर कांगो के खिलाफ पुर्तगाल के ड्रॉ के बाद ब्रूनो फर्नांडीस आलोचनाओं के घेरे में हैं। फैंस का आरोप है कि रोनाल्डो को पर्याप्त मौके नहीं मिले, जिससे सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।

पुर्तगाल के ड्रॉ के बाद ब्रूनो फर्नांडीस पर भड़के फैंस रोनाल्डो को मौके न मिलने पर उठे सवाल
ब्रूनो पर भड़के फैंस, रोनाल्डो को नहीं मिले मौके |

फीफा विश्व कप 2026 में डीआर कांगो के खिलाफ पुर्तगाल के 1-1 से ड्रॉ के बाद सोशल मीडिया पर नया विवाद शुरू हो गया है। आमतौर पर टीम के खराब प्रदर्शन पर कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो की उम्र या उनकी फिनिशिंग पर सवाल उठते हैं, लेकिन इस बार आलोचनाओं का केंद्र मैनचेस्टर यूनाइटेड के मिडफील्डर ब्रूनो फर्नांडीस बन गए हैं।

कई पुर्तगाली फैंस का मानना है कि मैच के दौरान रोनाल्डो को पर्याप्त मौके नहीं मिले और इसके लिए टीम के मुख्य प्लेमेकर ब्रूनो फर्नांडीस जिम्मेदार हैं। यही वजह है कि मुकाबले के बाद ब्रूनो के इंस्टाग्राम पोस्ट पर हजारों टिप्पणियां आने लगीं।

वायरल आंकड़ों ने बढ़ाई बहस

सोशल मीडिया पर एक आंकड़ा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 2017 से पुर्तगाल के लिए साथ खेलने के बावजूद ब्रूनो फर्नांडीस ने किसी बड़े टूर्नामेंट में रोनाल्डो को एक भी गोल के लिए असिस्ट नहीं दिया है।

वायरल पोस्ट में यह भी कहा गया कि ब्रूनो ने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर में रोनाल्डो के लिए सिर्फ तीन गोल असिस्ट किए हैं, जो कतर, इजराइल और स्लोवाकिया के खिलाफ आए थे। इनमें आखिरी असिस्ट 2023 में दर्ज हुआ था। हालांकि ये दावे सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टों का हिस्सा हैं, लेकिन इन्होंने फैंस के बीच बहस को और तेज कर दिया है।

मैच में रोनाल्डो को पास न देने पर नाराजगी

फैंस का कहना है कि डीआर कांगो के खिलाफ मैच में एक मौके पर रोनाल्डो ने ब्रूनो को शानदार पास दिया था। बाद में जब रोनाल्डो बॉक्स के अंदर बिना किसी मार्किंग के खड़े थे और गेंद मांग रहे थे, तब ब्रूनो ने उन्हें पास देने की बजाय गेंद को पीछे खेलना बेहतर समझा।

ब्रूनो के अलावा टीम के अन्य मिडफील्डरों की भी आलोचना हो रही है, लेकिन सबसे ज्यादा निशाने पर ब्रूनो ही हैं। कई समर्थकों का आरोप है कि उन्होंने पूरे मैच में न तो कोई बड़ा मौका बनाया और न ही अन्य खिलाड़ियों को मौका बनाने दिया।

नूनो मेंडिस से की जा रही तुलना

ब्रूनो की आलोचना करने वाले फैंस एक और आंकड़ा सामने रख रहे हैं। उनका कहना है कि लेफ्ट-बैक नूनो मेंडिस ने अपेक्षाकृत कम मैच खेलने के बावजूद रोनाल्डो के लिए छह गोल असिस्ट किए हैं।

यूईएफए नेशंस लीग में नूनो मेंडिस और रोनाल्डो की साझेदारी ने पुर्तगाल को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई थीं। इसी वजह से कुछ फैंस सवाल उठा रहे हैं कि जब एक डिफेंडर रोनाल्डो के लिए मौके बना सकता है, तो टीम का प्रमुख मिडफील्डर ऐसा क्यों नहीं कर पा रहा।

वेन रूनी ने किया रोनाल्डो का बचाव

डीआर कांगो के खिलाफ ड्रॉ के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान Wayne Rooney ने रोनाल्डो की आलोचना करने वालों को जवाब दिया।

रूनी ने कहा कि रोनाल्डो को बेंच पर बैठाने की मांग सही नहीं है, क्योंकि उन्हें मैच में कोई साफ मौका ही नहीं मिला। उनके अनुसार, ब्रूनो फर्नांडीस और Bernardo Silva पूरे मैच में रोनाल्डो के लिए एक भी स्पष्ट अवसर नहीं बना सके। रूनी ने यह भी सवाल उठाया कि अन्य खिलाड़ियों, खासकर ब्रूनो, से उतने सवाल क्यों नहीं पूछे जा रहे जितने रोनाल्डो से किए जाते हैं।

सोशल मीडिया पर उमड़ा गुस्सा

मैच के बाद ब्रूनो फर्नांडीस के इंस्टाग्राम पोस्ट पर 20 हजार से अधिक कमेंट्स आ चुके हैं। कई फैंस ने सीधे लिखा, "रोनाल्डो को पास दो।"

कुछ लोगों ने कहा कि रोनाल्डो के बिना पुर्तगाल की फुटबॉल पहचान इतनी बड़ी नहीं होती, जबकि कुछ ने ब्रूनो को निशाना बनाते हुए लिखा कि रोनाल्डो हमेशा उनसे बड़े खिलाड़ी रहेंगे।

भावुक संदेश हुआ वायरल

सबसे ज्यादा चर्चा एक लंबे संदेश की हो रही है, जिसमें एक फैन ने रोनाल्डो के शुरुआती संघर्षों को याद किया। संदेश में यूरो 2004 फाइनल और 2006 विश्व कप में हार के बाद रोनाल्डो के भावुक पलों का जिक्र करते हुए कहा गया कि उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक पुर्तगाल का भार अपने कंधों पर उठाया है।

फैन ने लिखा कि यह शायद उनका आखिरी विश्व कप हो सकता है और टीम को उनके लिए लड़ना चाहिए तथा उन्हें यादगार विदाई देनी चाहिए। यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

थिएरी हेनरी के बयान पर भी विवाद

बहस केवल ब्रूनो तक सीमित नहीं रही। फ्रांस के पूर्व दिग्गज स्ट्राइकर Thierry Henry के हालिया बयान पर भी कई फैंस नाराज नजर आए।

हेनरी ने कहा था कि 41 साल की उम्र में रोनाल्डो अब पहले जैसे खिलाड़ी नहीं रहे और पुर्तगाल को सिर्फ उनके नाम के भरोसे नहीं रहना चाहिए। इसके जवाब में कई समर्थकों ने सोशल मीडिया पर रोनाल्डो और हेनरी की उपलब्धियों की तुलना करते हुए रोनाल्डो का समर्थन किया।

क्या ब्रूनो ही जिम्मेदार हैं?

फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि पुर्तगाल के खराब प्रदर्शन के लिए केवल एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। डीआर कांगो के खिलाफ पूरी आक्रमण पंक्ति उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।

हालांकि रोनाल्डो को कम मौके मिले, लेकिन इसकी वजह सिर्फ ब्रूनो नहीं थे। कांगो के डिफेंडर्स ने भी पुर्तगाल के हमलों को सीमित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद जब तक पुर्तगाल विश्व कप में अपनी लय हासिल नहीं करता, तब तक ब्रूनो फर्नांडीस और Cristiano Ronaldo की साझेदारी पर सवाल उठते रहेंगे।

पुर्तगाल के लिए सबसे बड़ी चिंता क्या है?

विशेषज्ञों का मानना है कि असली चिंता किसी एक खिलाड़ी का प्रदर्शन नहीं, बल्कि टीम की रचनात्मकता है। यदि पुर्तगाल अपने कप्तान रोनाल्डो तक बेहतर तरीके से गेंद नहीं पहुंचा पाता, तो विश्व कप में आगे का सफर चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

फिलहाल डीआर कांगो के खिलाफ ड्रॉ के बाद पुर्तगाल के कई फैंस का मानना है कि समस्या रोनाल्डो की उम्र नहीं, बल्कि उन्हें मौके उपलब्ध कराने की है।


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