Wednesday, July 22, 2026 12:13:06 AM

रोनाल्डो पर लगे मेसी-मेसी के नारे, मैच ड्रॉ
फीफा विश्वकप 2026: डीआर कांगो ने पुर्तगाल को रोका, रोनाल्डो के खिलाफ लगे ''मेसी-मेसी'' के नारे

फीफा विश्वकप 2026 में डीआर कांगो ने पुर्तगाल को 1-1 से रोका। क्रिस्टियानो रोनाल्डो गोल नहीं कर सके, जबकि मैच के बाद स्टेडियम में उनके खिलाफ ''मेसी-मेसी'' के नारे लगे।

फीफा विश्वकप 2026 डीआर कांगो ने पुर्तगाल को रोका रोनाल्डो के खिलाफ लगे मेसी-मेसी के नारे
रोनाल्डो पर लगे मेसी-मेसी के नारे, मैच ड्रॉ |

फीफा विश्वकप 2026 में पुर्तगाल और डीआर कांगो के बीच खेला गया मुकाबला कई कारणों से चर्चा का विषय बन गया। 52 साल बाद विश्वकप में लौटी डीआर कांगो की टीम ने मजबूत मानी जा रही पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। वहीं, पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का प्रदर्शन भी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। मैच खत्म होने के बाद कुछ दर्शकों ने उन्हें चिढ़ाने के लिए 'मेसी-मेसी' के नारे लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रोनाल्डो नहीं दिखा सके प्रभाव

अपने करियर का रिकॉर्ड छठा विश्वकप खेल रहे क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह मुकाबला खास नहीं रहा। पूरे मैच के दौरान उनके पास केवल 25 बार गेंद पहुंची और वह एक भी शॉट लक्ष्य पर नहीं लगा सके।

पुर्तगाल ने मैच के छठे मिनट में बढ़त बना ली थी। पेड्रो नेटो के शानदार क्रॉस पर जोआओ नेवेस ने हेडर के जरिए गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। हालांकि, पहले हाफ के अतिरिक्त समय में डीआर कांगो ने बराबरी हासिल कर ली। आर्थर मासुआकु के क्रॉस पर योआने विस्सा ने हेडर लगाकर गोल किया और स्कोर 1-1 कर दिया। यह डीआर कांगो का विश्वकप इतिहास में पहला गोल भी था।

मैच के बाद लगे 'मेसी-मेसी' के नारे

मुकाबला समाप्त होने के बाद स्टेडियम में मौजूद डीआर कांगो के कुछ समर्थकों ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो को देखकर 'मेसी-मेसी' के नारे लगाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यह नारे साफ सुनाई दे रहे हैं।

हालांकि, रोनाल्डो ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वह शांत तरीके से मैदान से बाहर निकले और टनल की ओर चले गए। यह घटना ऐसे समय हुई जब एक दिन पहले लियोनेल मेसी ने विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक लगाई थी, जबकि रोनाल्डो गोल करने में सफल नहीं हो सके।

इतिहास रचने का मौका हाथ से निकला

इस मुकाबले में रोनाल्डो के पास एक बड़ा रिकॉर्ड बनाने का अवसर था। वह अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी के साथ छह विश्वकप खेलने वाले दुनिया के केवल दूसरे फुटबॉलर बने।

यदि रोनाल्डो डीआर कांगो के खिलाफ गोल कर लेते तो वह छह अलग-अलग विश्वकप में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन जाते। हालांकि, 68वें और 73वें मिनट में उनके दोनों प्रयास लक्ष्य से चूक गए। दोनों मौकों पर वह निराश दिखाई दिए।

इस बीच, लियोनेल मेसी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "शुरुआत वैसी नहीं रही जैसी हम चाहते थे, लेकिन अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। आगे बढ़ो और अगले मैच पर ध्यान दो।"

डीआर कांगो के लिए ऐतिहासिक पल

डीआर कांगो के लिए यह मुकाबला बेहद यादगार साबित हुआ। टीम ने 52 साल बाद विश्वकप में वापसी की है। इससे पहले उसने 1974 में, जब देश का नाम जायरे था, विश्वकप में हिस्सा लिया था।

उस समय टीम अपने तीनों मैच हार गई थी और एक भी गोल नहीं कर सकी थी। ऐसे में पुर्तगाल जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ड्रॉ खेलना और विश्वकप इतिहास का पहला गोल करना डीआर कांगो के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पुर्तगाल पर बढ़ा दबाव

मैच से पहले पुर्तगाल को जीत का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन टीम अपने कई मौकों का फायदा नहीं उठा सकी। ब्रूनो फर्नांडिस ने भी अंतिम क्षणों में एक अच्छा अवसर गंवा दिया।

अब टूर्नामेंट के अगले मुकाबलों में पुर्तगाल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो दोनों पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव रहेगा।


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